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बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार पप्पू जी को समर्पित

बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप कुमार पप्पू जी को समर्पित
विषय:-17/04/2017 से आर-पार की लड़ाई के सम्बन्ध में

महाशय
हो सकता है कि 17 अप्रैल से आंदोलन करना उचित हो क्योंकि आपके द्वारा दिए गए तर्क भी उत्तम है, परंतु ज्ञात हो कि माननीय उच्च न्यायालय से बिहार सरकार पिछले कई बार से लम्बा-लम्बा समय लेने में सफल होती रही है।
अंकनिये बिंदु यह है कि क्या पता अगर बिहार सरकार फिर से समय मांग ले और उच्च न्यायालय फिर से समय दे भी दे.....!!!!!
तब क्या कीजियेगा...??
हड़ताल का समय वही रहेगा या फैसले के अनुसार तिथि बदलती रहेगी...??????
अगर तब हड़ताल की तिथि वही 17 अप्रैल रहेगी तो फिर मेरा सुझाव है कि "काल्ह करै सो आज कर, आज करै सो अब,पल में प्रलय होत है,बहुरी करेगा कब......!!!""
अगर हड़ताल की तिथि फैसले के अनुसार बदलती रहेगी तो फिर वही होगा " बीरबल की खिचड़ी वाली बात" जो कभी पकेगी ही नहीं...!!!
.
देहाती में एक कहावत है
" लउकत पर ठेकत नाहिं "
तो प्रिये बन्धुवर.....
अभी समय है कि जो भी संघ या शिक्षक अपने हक़ की लड़ाई में कूद पड़े हैं उनके हौसलों को तोड़ा न जाय अपितु कुछ ऐसा कीजिए जिससे उनके आवाज़ को मजबूती मिले,
उनका साथ दीजिये,
आगे आइए कदम मिलाइये
साथ चलिए साथ लीजिये
मंज़िल मिलेगी भविष्य बनेगा
क्योंकि आंदोलन उपेक्षाओं की उपज होती है जो भीड़ के बदौलत चलती है
इसमें राजनीति की रत्ती मात्र भी गुज़ारिश नही होती....!!!!!!!!
और अंत में निशांत यही कहेगा
कि
अगर उन साथियों का हौसला टुटा जो या तो आंदोलन में कूद पड़े हैं या जल्द ही कूदने वाले हैं तो परिणाम बहुत ही बुरा होगा जिसकी किसी ने कल्पना भी न की होगी।और आपके 17 अप्रैल की आंदोलन जो अभी भी भविष्य अंतहीन गर्त में है को कितना भी जोड़ लगाइएगा सफल नही हो पाइयेगा क्योंकि तब शिक्षकों का हौसला टूट चुका होगा वो हमारे सभी साथी निरासा के घोर अँधेरे में डूब चुके होंगे.........😟😟😟
तो साथियों......
आईये , आगे आईये....
या तो आज या कल पटना पहुँच कर अपने हितों की रक्षा हेतु अपने साथियों का हाथ मज़बूत कीजिये
आपका सुनहरा भविष्य आपका इंतज़ार कर रहा है......
काफी करीब हैं हम मंज़िल के
बस जरुरत है मज़बूत हौसले की
जो केवल आप दे सकते हैं
जरुरत से ज्यादा बोल दिया तो क्षमा कर दीजियेगा लेकिन विचार जरूर कीजिए और जल्दी......
धन्यवाद
एक सतत संघर्षशील शिक्षक साथी

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