; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

829 फर्जी सर्टिफिकेट वाले शिक्षकों पर एफआईआर, 329 अब भी कर रहे नौकरी

पटना.  पंचायत सहित विभिन्न नियोजन इकाइयों से नियोजित शिक्षकों के जो फोल्डर में सर्टिफिकेट मिले हैं, इसमें लगभग 40 प्रतिशत सर्टिफिकेट की जांच भी नहीं हो पायी है। अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने इसे गंभीरता से लिया है।




निगरानी के साथ ही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को सर्टिफिकेट जांच में निगरानी के अधिकारियों को सहयोग का निर्देश दिया है। पिछले दिनों शिक्षा विभाग में हुई बैंठक में जांच की धीमी रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए मार्च 2019 तक सभी सर्टिफिकेट का जांच हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है।



ये भी पढ़ें

शिक्षकों के सम्मेलन में शामिल हुए राजनाथ सिंह, कहा- शिक्षा सुधार पर जोर देना होगा


जांच में कोताही और सहयोग नहीं करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिन नियोजन इकाइयों से फोल्डर नहीं मिले हैं, उससे जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। फर्जी तरीके से बहाल शिक्षकों पर एफआईआर के साथ ही गलत नियोजन के लिए जिम्मेदार पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने नियोजन से इकाई के विभाग के प्रधान को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।



राज्य के 3 लाख 52 हजार 555 नियोजित शिक्षकों के सर्टिफिकेट की जांच होनी है। अब तक 2 लाख 55 हजार 980 शिक्षकों के नियुक्ति संबंधी फोल्डर से 5 लाख 76 हजार 477 सर्टिफिकेट मिले हैं। इसमें से 3 लाख 49 हजार 889 सर्टिफिकेट की जांच हो सकी है। शेष 2 लाख 26 हजार 558 सर्टिफिकेट की जांच होनी बाकी है।

UPTET news