; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

शिक्षक नियोजन की जांच में आ रही 'आंच'

निगरानी एसपी के आदेश पर कुंडली मारे बैठा है विभाग
खगड़िया। पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर शिक्षक नियोजन में फर्जीबाड़ा की जांच में जुटी निगरानी टीम की जांच में 'आंच' आ रही है। हालात इतने खराब हैं कि आदेश जारी करते निगरानी टीम पस्त है, शिक्षा विभाग नियोजन इकाई को फरमान जारी कर मस्त है और नियोजन इकाई त्रस्त है।

विभागीय सूत्रों की मानें तो कई पंचायत सचिव सेवानिवृत हो गए तो कई आदेश को ठंडे बस्ते में डालकर सोए हैं। तीन महीना पहले ऐसे 52 पंचायत सचिवों पर निगरानी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। सूत्रों का कहना है कि ऐसे कई पंचायत सचिव विभिन्न पंचायतों में काम कर रहे हैं। एसपी निगरानी द्वारा पत्रांक 1722 दिनांक 1 अप्रैल 2016 को निर्देश दिया गया था कि शिक्षकों फोल्डर के साथ मेधा सूची भी उपलब्ध कराई जाय। परंतु हालात इतने खराब हैं कि अब तक मात्र नगर परिषद खगड़िया व नगर पंचायत गोगरी द्वारा ही मात्र मेधा सूची उपलब्ध कराई जा सकी है। ऐसे में निगरानी टीम को कब तक शिक्षकों का फोल्डर व मेधा सूची उपलब्ध कराई जाएगी, यह तय नहीं हो पाया है।
किन प्रखंडों में कितना है फोल्डर
गोगरी द्वारा 853 फोल्डर में 154 फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। मानसी प्रखंड द्वारा 252 में 57, बेलदौर 556 में 174, परबत्ता 746 में 347, खगड़िया प्रखंड द्वारा 883 फोल्डरों में 276 फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी तरह अलौली द्वारा 879 में 543 व चौथम द्वारा 568 में 523 फोल्डर उपलब्ध नहीं कराया गया है। अब निगरानी टीम द्वारा मेधा सूची की मांग पर ऐसे नियोजन इकाईयों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि फर्जीबाड़ा में शामिल कई नियोजन इकाई के अध्यक्ष अब पूर्व अध्यक्ष हो गए। सचिव भी बदल गए। ऐसे में फोल्डर व मेधा सूची निगरानी टीम को उपलब्ध कराने में वे रुचि क्यों दिखाएंगे। निगरानी टीम में शामिल सदस्य का कहना है कि जबतक मेधा सूची व फोल्डर उपलब्ध नहीं होता वे जांच कैसे करेंगे।
निगरानी एसपी के आदेश पर कुंडली मारे बैठा है विभाग
10 जून 2016 को निदेशक प्राथमिक शिक्षा की अध्यक्षता में पटना में समीक्षात्मक बैठक हुई। मंथन हुआ कि मेरिट लिस्ट से बड़ा खुलासा होगा। असंतोष जाहिर करते हुए बताया गया कि महानिरीक्षक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा समीक्षा के क्रम में उपलब्ध कराए गये फोल्डर की संख्या असंतोषजनक है। पंद्रह दिनों के अंदर निगरानी टीम को मेधा सूची समेत फोल्डर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। परंतु, कार्रवाई सकारात्मक नहीं हो पाई।
-कोट-
सभी नियोजन इकाईयों को मेधा सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। परंतु अब तक मात्र नगर परिषद खगड़िया व नगर पंचायत गोगरी द्वारा ही मेधा सूची दी गई है। शेष नियोजन इकाईयों द्वारा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। ऐसे में जल्द ही ऐसे नियोजन इकाईयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

= सुरेश साहू, शिक्षा स्थापना डीपीओ, खगड़िया।
Sponsored link : सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news