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चकाई में फर्जी डिग्रियों पर बने कई शिक्षक

जमुई। इन दिनों चकाई प्रखंड फर्जी शक्षणिक प्रमाण-पत्रों के धंधे का केन्द्र बन गया है। यह गोरखधंधा यहा पहले चरण की शिक्षक नियोजन के समय से ही जारी है। परीक्षा पास कराने वाली संस्थाओं के कई दलाल इस कार्य मे यहां सक्रिय हैं जो 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये में फर्जी प्रमाण-पत्र घर बैठे उपलब्ध कराते हैं।
आश्चर्य की बात तो यह है कि इन धंधेबाजों को सब जान रहे हैं फिर भी चकाई शिक्षा विभाग इस दिशा में अंजान बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार प्रखंड के बोंगी, बरमोरिया, परांची, माधोपुर, सरौन, दुलमपुर, पौझा सहित प्रखंड के अधिकाश पंचायतों मे फर्जी प्रमाण-पत्रों पर शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। बताया जाता है कि वर्तमान समय में भी शिक्षा विभाग में हो रही नियुक्तियों को लेकर इन दिनों फर्जी डिग्रियों की माग सालों भर है। सूत्र बताते हैं कि पिछले आठ वर्षों से हो रहे शिक्षक नियोजन के दौरान इस काले धंधे से जुड़े लोगों ने अनुभव प्रमाण-पत्र फर्जी तरीके से बनवाकर मेधा सूची में 20 प्रतिशत का वेटेज लेकर नौकरी कर रहे हैं। बताया जाता है कि शिक्षा विभाग से जुडे़ कई लोगों की संलिप्तता भी इसमें है। जानकारों के अनुसार यदि शिक्षा विभाग इन गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराए तो कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हो सकते हैं।

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