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बिहार में 3 जनवरी से 'शिक्षा सुधार यात्रा' निकालेंगे RLSP नेता उपेंद्र कुशवाहा

पटना हाल ही में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग हुए राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को कहा कि अगर बिहार में महागठबंधन के नेताओं की सरकार बनती है, तो राज्य की शैक्षिक व्यवस्था में सुधार के लिए कई बड़े फैसले किए जाएंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता 3 जनवरी से बिहार में शैक्षणिक सुधार के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत करेंगे और बिहार के हर हिस्से में 'शिक्षा सुधार यात्रा' निकाली जाएगी।


उन्होंने बताया कि शैक्षिक सुधार के लिए सौंपे गए इस चार्टर में राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षकों की भर्ती, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरह हटाने, विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य बनाने जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल हैं। बुधवार को इस संबंध में बात करते हुए कुशवाहा ने कहा, 'जब मैंने यह चार्टर राज्य सरकार को सौंपा था, तब से एक लंबा वक्त गुजर चुका है। नीतीश कुमार सरकार यदि इन महत्वपूर्ण शैक्षणिक सुधारों पर राजी हो जाती तो मैंने अपनी पार्टी के राजनीतिक हितों को तिलांजलि देने तक की पेशकश की थी। लेकिन सीएम ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया।'

राज्य भर में आंदोलन करेगी कुशवाहा की पार्टी
आरएलएसपी अध्यक्ष ने कहा कि यह मांग महत्वपूर्ण हैं और हम इसे लेकर सरकार पर दबाव बनाने जा रहे हैं। दो फरवरी से हमारी पार्टी इसे लेकर राज्य भर में अभियान शुरु करेगी जिसके दौरान इस चार्टर के समर्थन में एक करोड़ नागरिकों के हस्ताक्षर लिये जाएंगे। इन दस्तावेजों को ट्रक में भरकर मुख्यमंत्री के निवास पर भेजा जाएगा। कुशवाहा ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से कोई उम्मीद नहीं है, ऐसे में दस्तखत वाले दस्तावेज उनके द्वार पर भेजे जायेंगे ताकि उन्हें अपने ही तरीके का जवाब मिले। बता दें कि कुशवाहा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने बीते दिनों एनडीए गठबंधन से समर्थन वापस ले लिया था। इस फैसले के बाद कुशवाहा आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन में शामिल हो गए थे।

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