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प्रधान ने शिक्षक को पीटा, ग्रामीण हुए उग्र


सुपौल। सेवा शर्तो की मर्यादा को लाघते हुए प्रखंड के उमवि नन्ही टोला लालपुर के प्रधानाध्यापक ने गुरूवार को अपने ही सहायक शिक्षक को पीट डाला। विद्यालय संचालन के प्रारंभिक अवधि में छात्रों के समक्ष हुए इस घटना के बाद सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीण उग्र हो उठे और प्रधानाध्यापक को निशाना बनाना चाहा।
लेकिन तब तक प्रबुद्धजनों की उपस्थिति के कारण बीच बचाव किया गया और विभागीय पदाधिकारी को मामले से अवगत कराया गया। पदाधिकारी के निर्देश पर सीआरसीसी सुनील कुमार सिंह
भी तत्काल विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों को शात करा सभी से जानकारी
ली। मौके पर मौजूद शिक्षक द्वय ने बारी बारी से अपनी बातें रखी वहीं
प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की गयी। मामले में खुलकर आये तथ्यों ने
विद्यालय में व्याप्त कुव्यवस्था की कलई खोल दी है। मारपीट से आहत नियोजित शिक्षक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानाध्यापक द्वारा बारंबार उपस्थिति से अधिक छात्रोपस्थिति अंकित करने हेतु दबाव बनाया जा रहा था। जिसे वे अन्य शिक्षकों की भाति नहीं मान रहे थे। दुर्भावना से ग्रसित
प्रधानाध्यापक राम कुमार रमण ने उन्हें बुलाकर विद्यालय परिसर में मारपीट की जिस कारण उनका चश्मा टूट गया और चेहरा भी चोटिल हुआ है। इधर प्रधानाध्यापक श्री रमण ने ग्रामीणों व सहायक शिक्षकों की उपस्थिति में बताया कि उक्त सहायक शिक्षक पूर्व की भाति गुरूवार को भी विद्यालय पहुंच कर अचानक गायब हो गये। जिनकी खोजबीन के क्रम में उन्होंने उनके पिता से शिकायत की। पिता से शिकायत करने के थोड़ी देर बाद श्री सिंह विद्यालय पहुंचे और उनसे अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए आक्रोशपूर्ण लहजे में बात करने लगे। स्वीकार किया कि आवेश में उन्होंने सहायक शिक्षक के साथ मारपीट की। इधर पीड़ित सहायक शिक्षक के स्थानीय होने के कारण
सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर में आ धमके और
प्रधानाध्यापक को निशाना बनाना चाहा। लेकिन गनीमत रहा कि भीड़ में चंद प्रबुद्धजन शामिल थे जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाध्यापक श्री रमण उक्त सहायक शिक्षक के प्रति विद्वेषपूर्ण
भावना से ग्रसित रहे हैं। बताया कि विद्यालय में पदस्थापित दर्जन भर
शिक्षकों में से आधे भी समय पर विद्यालय नहीं आते जिनकी ना तो खोज
खबर ली जाती है और ना ही उन्हें पंजी से अनुपस्थित किया जाता है।
ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक पर विविध संचालित योजनाओं में अनियमितता
बरतने का आरोप लगाया। विद्यालय में घटित घटनाक्रम के कारण पठन पाठन पूरी तरह प्रभावित रहा। ना ही वर्ग कक्ष का संचालन हो पाया और ना ही एमडीएम का संचालन ही। परिसर में उपस्थित छात्रों ने बताया कि सुरसर नदी के पार रहने के कारण विद्यालय का गाहे बगाहे ही निरीक्षण होता है। बताया कि यहा शिक्षकों की मनमर्जी चलती है। मौके पर मौजूद सीआरसीसी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीईओ परीक्षा ड्युटी में सुपौल गये हुए हैं। जिनके आदेश पर पक्ष द्वय सहित ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली गयी है। कहा कि संपूर्ण मामले से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराया जायेगा और दोषी शिक्षक दंडित होंगे।

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