; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

चार लाख नियोजित-नियमित शिक्षक 17 से जाएंगे हड़ताल पर

जमुई। बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले सभी 28 शिक्षक संघों के प्रदेश अध्यक्षों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि सूबे के सभी नियोजित शिक्षकों को पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान, पुराना सेवा शर्त एवं पुरानी सारी सुविधा देने के समर्थन में 17 फरवरी से बिहार में कार्यरत सभी कोटि के शिक्षक
हड़ताल पर चले जाएंगे। यह जानकारी पटना से राज्यस्तरीय बैठक में भाग लेकर लौटने के बाद बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य आनंद कौशल सिंह ने बुधवार को स्थानीय शिक्षक संघ कार्यालय में दी।


उन्होंने कहा कि सरकार से बार-बार आग्रह के बावजूद मांगों को अनसुना कर दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार को सभी की बातें सुनकर समाधान करना चाहिए। बिहार सरकार द्वारा 16 साल से नियोजित शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सरकार के शिक्षक विरोधी नीति व हठधर्मिता के खिलाफ प्रारंभिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक तक सभी शिक्षक 75 हजार विद्यालय में ताला बंद कर 17 फरवरी से हड़ताल पर चले जाएंगे। हड़ताल अवधि में शिक्षक शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कार्यों से अपने को दूर रखेंगे। साथ ही परीक्षा ड्यूटी, बीएलओ का कार्य, मैट्रिक और इंटर का मूल्यांकन कार्य का हड़ताल की अवधि में बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हड़ताल में जाना शिक्षकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। हड़ताल अवधि में अगर किसी भी पदाधिकारी द्वारा शिक्षकों को जबरन मैट्रिक परीक्षा में वीक्षण के कार्य में लगाया जाएगा तो सभी शिक्षक सड़क पर उतर चक्का जाम कर देंगे। उन्होंने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव आदि को सभी शिक्षकों के हड़ताल में जाने की सूचना लिखित रूप से दे दी गई है।

UPTET news