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शिक्षक प्रोन्नति: अपनी डफली, अपना राग

संवाद सहयोगी, खगड़िया: शिक्षक प्रोन्नति मामले में शिक्षक संघ के सदस्यों में इस वक्त अपनी डफली, अपना राग वाली कहावत नजर आ रही है। शिक्षकों के एक गुट का कहना है कि जिनका सही है, उन्हें प्रोन्नति मिलनी चाहिए तो दूसरे गुट का कहना हुआ कि प्रोन्नति के सभी मामले को एक साथ निष्पादन किया जाय।
इससे प्रोन्नति कमेटी के सदस्य भी संशय में हैं कि आखिर क्या करना चाहिए।दूसरी की प्रोन्नति कमेटी के अध्यक्ष सह डीईओ डॉ. ब्रजकिशोर ¨सह 12 दिनों बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
इधर, प्रोन्नति मामले के निष्पादन को लेकर शिक्षकों के तीन गुट अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ, स्नातकोत्तर प्राथमिक शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षक संघ के बीच समन्वय कमेटी बनी थी। तीनों संघों के सदस्यों ने संकल्प लिया था कि शिक्षक हित में सभी कार्य मिलकर करेंगे। समन्वय समिति बनने के बाद से ही दरार उत्पन्न हो गया। कमेटी के एक अध्यक्ष का कहना हुआ कि वे तो बैठक में भी नहीं जा रहे हैं। दूसरे अध्यक्ष का कहना हुआ कि वे लिखकर दे दिए हैं कि मनमाना तरीके से दिए जाने वाले प्रोन्नति का विरोध किया जाएगा। ऐसे में प्रोन्नति कमेटी का कोई भी फैसला गंभीर मंथन के बाद ही लेने की जरूरत होगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो हाल ही में प्रधान के लिए अर्जी दाखिल किए अभ्यर्थियों का जब सत्यापन हुआ तो 102 में अधिकांश की डिग्री संदेह के घेरे में रखा गया। कुछेक शिक्षकों का कहना हुआ कि जो पहले से प्रधान हैं, वे नहीं चाहते कि प्रधान में प्रोन्नति हो। ऐसे में प्रोन्नति कमेटी के अध्यक्ष डॉ. ब्रज किशोर ¨सह का कहना है कि कमेटी को निर्णय लेना है, अकेले किसी को कोई फैसला नहीं लेना है।

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