; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

विद्यालयों में 140 दिनों की पढ़ाई से कैसा पूरा होगा सिलेबस

बांका। जिला भर के विभिन्न विद्यालयों में इस साल पढ़ाई की हालत खास्ता रहने वाली है। आलम यह कि 365 में 225 दिन गुरुजी विद्यालय से गायब रहेंगे। यहां बात करें मध्य विद्यालय, प्रोन्नत मध्य विद्यालय और उच्च विद्यालय में अबकी गुरुजी सिर्फ 140 दिन ही छात्रों को पढ़ाने का काम करेंगे।
बांकी दिन वे रविवार, सीएल व सरकारी छुट्टी में रहेंगे। इस साल जनगणना व पंचायत चुनाव के कार्यों को लेकर भी गुरुजी की व्यस्तता होगी। जिसके कारण जिला भर के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल तो खुला होगा, लेकिन उनके विषयों की पढ़ाई पूरे साल में सिर्फ 140 दिन ही हो पाएगी।

दरअसल इस साल में गुरुजी के अवकाश व अन्य कार्यों में व्यस्तता के दिनों की संख्या 225 है। जिसमें 52 रविवार, 60 सरकारी अवकाश, 16 सीएल होगा। वहीं जिला के कई विद्यालयों के शिक्षकों से जनवरी से ही अबतक जनगणना कार्य लिया जा रहा है। इसके अलावा जिला भर में चल रहे पंचायत चुनाव में भी शिक्षकों को काम पर लगाया गया है। जो, पंचायत चुनाव संपन्न होने तक विद्यालय नहीं पंचायती राज विभाग का काम संभालेंगे। बात यहीं नहीं रूकती है विद्यालय में पढ़ाई के अलावा नियमित परीक्षा भी तो है। इन सभी कार्यों पर एक नजर डालने पर यही पता चलता है कि इस साल विद्यालय में छात्रों की पढ़ाई के लिए गुरुजी 140 दिन भी नहीं दे पाएंगे। अन्य दिनों में वे या तो छुट्टी पर अथवा अन्य सरकारी कार्यों में अपनी सेवा दे रहे हैं। अलबत्ता सरकार ने विद्यालय में विभिन्न लुभावने योजनाएं चलाकर छात्रों को विद्यालय बुला लिया। लेकिन अब हाल अलग ही है। शिक्षा के मंदिरों से गुरूजी को ही बाहर कर दिया गया है। इस हालात में पूरे साल के कोर्स की पढ़ाई सिर्फ चार माह कुछ दिनों में कैसे होगा।

.......................

क्या कहते हैं शिक्षा पदाधिकारी

चुनावी कार्य हो या जनगणना इसमें शिक्षकों से काम लिये जाने के कारण छात्रों की पढ़ाई अधूरी रह जाती है। अन्य छुट्टी के बाद ऐसे कार्यों से शिक्षकों को दूर रखने से विद्यालय में बेहतर पढ़ाई हो सकेगी। इस ओर सरकार को भी गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

अभय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी
सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news