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HC ने राज्य सरकार से किए सवाल, पूछा- लोगों की सैलरी में क्यों है अंतर

PATNA: राज्य के जिला उपभोक्ता फोरमों में खाली पड़े पदों को भरने में राज्य सरकार के शिथिल रवैये पर पटना हाईकोर्ट ने तल्ख अंदाज में टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है।

कोर्ट ने कहा- चपरासी को 25 हजार और उपभोक्ता फोरम के सदस्य को 15 हजार पगार, यह भेदभाव कोई कैसे बर्दाश्त करेगा। न्यायमूर्ति नवनीति प्रसाद सिंह एवं न्यायमूर्ति विकास जैन की खंडपीठ ने अनिल कुमार सिंह की जनहित याचिका पर खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को दो हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया है।
सूबे के अधिकतर जिलों के उपभोक्ता फोरम में सामाजिक कार्य कोटे से नियुक्त होनेवाले सदस्यों के पद क्यों खाली हैं। उन्हें दी जानेवाली मासिक राशि मात्र 15 हजार रुपए क्यों है?
ऐसे में उपभोक्ता शिकायतों का जल्द निबटारा कैसे होगा? हाईकोर्ट ने राज्य उपभोक्ता आयोग में रजिस्ट्रार के खाली पद पर भी आयोग से रिपोर्ट तलब की है।
धन्यवाद
विद्यानन्द झा

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