बीपीएससी शिक्षक भर्ती का आवेदन अब 15 तक :
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक नियुक्ति के लिए आवेदन की तारीख 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। पहले यह 12 जुलाई तक ही निर्धारित थी।
; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });
E-BiharGovJobs provides the latest Bihar government job updates, Sarkari Naukri notifications, exam schedules, results, and recruitment news.
बीपीएससी शिक्षक भर्ती का आवेदन अब 15 तक :
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने शिक्षक नियुक्ति के लिए आवेदन की तारीख 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। पहले यह 12 जुलाई तक ही निर्धारित थी।
PATNA : बिहार के सभी नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा हासिल करने के लिए बीपीएससी की परीक्षा में शामिल होना है। जिसमें वैसे भी शिक्षक भी शामिल हैं, जो पिछले 15-20 साल से नौकरी कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले का पूरे राज्य में विरोध हो रहा है। जिसे कई विधायकों का समर्थन मिल रहा है। आज सरकार के इस फैसले के विरोध में लाखों शिक्षक पटना में प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। लेकिन इस प्रदर्शन से पहले ऐसे शिक्षकों को लेकर बड़ी खबर सामने आ गई है।
पटना: बिहार की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत शिक्षकों की अनुपस्थिति और उनकी लेटलतीफी पर अंकुश लगाए जाने को लेकर खास उपाय किए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग में जब से अपर मुख्य सचिव के रूप में तेजतर्रार आईएएस अधिकारी केके पाठक पदस्थापित हुए है, तब से विभाग को कार्यशैली में लगातार सुधार करने की कवायद की जा रही है। इसके तहत शिक्षकों को जहां अब ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी वही अब वे स्कूल के समय व्हाट्सएप चैटिंग और रील्स नहीं देख सकेंगे।
राज्य की सबसे बड़ी वैकेंसी 1.70 लाख शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि में कल ही बदलाव किए गए। आवेदन की आखिरी तिथि 3 दिनों के लिए बढ़ाई गई थी। आवेदन की आखिरी तिथि अब 15 जुलाई 2023 निर्धारित की गई है। वहीं अब BPSC द्वारा शिक्षक बहाली परीक्षा का OMR शीट प्रैक्टिस के लिए जारी कर दिया गया है। यह OMR शीट उन अभ्यर्थियों के लिए जारी किया गया है] जिन्होंने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है। ताकि परीक्षा के समय किसी भी अभ्यर्थियों को कोई परेशानी इस OMR शीट को भरने में ना हो। वह अभी से ही इसका प्रैक्टिस कर लें। इस शीट में नेगेटिव मार्किंग के साथ कुल 5 ऑप्शन दिए गए हैं।
पटना: नई शिक्षा नीति से परेशान शिक्षक और शिक्षक अभ्यर्थी सड़क पर उतर गए हैं. पटना के गर्दनीबाग में मंगलवार (11 जुलाई) को 20 हजार से अधिक नियोजित शिक्षक और शिक्षक अभ्यर्थी पहुंचे. बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से नई शिक्षक नियमावली 2023 को लेकर विरोध जताया जा रहा है. आज शिक्षक और शिक्षक अभ्यर्थियों की ओर से विधानसभा का घेराव किया जाएगा. रोकने के लिए काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
Bihar Teacher Niyamawali : बिहार में बड़ी संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर गए हैं। सरकार के फैसले के खिलाफ शिक्षक संघ और शिक्षक अभ्यर्थी विधानसभा मार्च कर रहे हैं। गर्दनीबाग धरना स्थल से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का जुटान हुआ है। बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से नई शिक्षक नियमावली 2023 को लेकर विरोध जताया जा रहा है। सरकार ने भी शिक्षक अभ्यर्थी रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की है।
नई शिक्षा नियमावली में हुए संशोधन के खिलाफ शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। वहीं, पुलिस की भी इन प्रदर्शनकारियों पर पूरी नजर है। मानसून सत्र के दौरान एक ओर शिक्षक अभ्यर्थी बिहार सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। अभ्यर्थी कल रात से ही पटना में जुट रहे थे। शिक्षक अभ्यर्थियों को सरकार की ओर से बनाए गए नए नियम मंजूर नहीं है।
बिहार में स्कूलों शिक्षकों की भर्ती व्यवस्था में सरकार ने बदलाव क्या किया, सदन से सड़क तक हंगामा जंगल में आग की तरह फैल गया। नियमावली लागू करने के बाद इसमें डोमिसाइल को लेकर किए गए संशोधन में बाहर के राज्यों के अभ्यर्थियों को भी छूट देना उस आग में घी का काम कर गया। इसके बाद शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के
पटनाः डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग को लेकर सैकड़ो की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थी संघ पटना के गर्दनीबाग पहुंचे. शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर प्रशाशन के सभी गेट को लॉक किया. गर्दनीबाग धरना स्थल के अंदर सैकड़ो की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने बिहार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.
पटना: हम सरकार के किसी नियम का विरोध नहीं कर रहे हैं। हमें कहां सरकार के किसी पॉलिसी से दिक्कत है। हमारी भी कुछ मांग है। हम पुराने हैं। हमने मेहनत की है। हमें सरकार राज्य कर्मी का पहले दर्जा दे उसके बाद जो मर्जी आए वो करे। जिसे मन करे और जैसे मन करे बहाल करे।
पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री और विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच विवाद चल रहा है। दोनों एक-दूसरे की हैसियत बताने पर आमादा है। मगर ये भी जान लेना जरूरी है कि आखिर शिक्षा के मामले में बिहार कहां टिकता है? डेटा की मानें तो बिहार के एजुकेशन सिस्टम के लिए झटका है। राज्य को प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (Performance Grading Index) 2021-22 में दूसरी अंतिम कैटेगरी में रखा गया है। ये इंडेक्स केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से जारी किया गया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से जारी प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई यानी Performance Grading Index) 2021-22 में बिहार को स्कूल एजूकेशन इंडेक्स में नीचे से चौथा स्थान मिला है। इस इंडेक्स में बिहार, झारखंड, असम और ओडिशा सहित कम से कम 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ग्रेड-2 (स्कोर 461 और 520 के बीच) प्राप्त किया। बिहार को 465 अंक मिले हैं।
पटना: राज्य की सबसे बड़ी वैकेंसी, 1.70 लाख शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि में 4 दिन ही बचे हुए हैं. हाल के दिनों में आवेदन का लोड बढ़ा हुआ है. ऐसे में बीपीएससी का सर्वर डाउन हो गया है. इससे अभ्यर्थियों को आवेदन करने में काफी परेशानी हो रही है.
पटना : बिहार में इस समय छात्रों के लिए बहार है. बिहार लोक सेवा आयोग ने एक लाख से अधिक शिक्षक भर्ती के लिए छात्रों से आवेदन मांगा है लेकिन कोई भर्ती आए और उसपर बवाल न हो ये तो संभव नहीं है. बिहार के युवा नई डोमिसाइल नीति का विरोध कर रहे है. जब शुरूआत में भर्ती आई थी तो इस भर्ती में सिर्फ बिहार के ही निवासी आवेदन कर सकते थे लेकिन बाद में बिहार लोक सेवा आयोग ने डोमिसाइल नीति में बदलाव किया और कहा कि सभी राज्य के छात्र आवेदन कर सकते है. इसी मुद्दे पर राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है.
बिहार के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन सत्यापन में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। इस गड़बड़ी को शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग ने पकड़ा है। जांच के क्रम में दिनचर्या लिपिक सहायक लेखा लिपिक भंडारपाल के पदों पर नियुक्त कर्मियों को 4000-6000 रुपये वेतनमान दिया गया जबकि इन पदों के लिए सरकार द्वारा 3050-4590 रुपये वेतनमान अनुमान्य है।
बिहार न्यूज़ लाइव डेस्क: शिक्षक संघ बिहार के आव्हान पर छपरा के नगरपालिका चौक पर प्रदेश कोषाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया।
पटनाः बिहार में शिक्षक बहाली में कोई न कोई समस्या आती रही है. शिक्षक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो रही है. विभाग का सर्वर डाउन रहने की समस्या है. इसी को लेकर छात्र नेता दिलीप कुमार ने विभाग से इसे दुरुस्त करने की मांग की है. दिलीप कुमार ने कहा कि जब से शिक्षक अभ्यर्थियों का आवेदन लिया जा रहा है, तब से सर्वर डाउन हो गया है.
बिहार में सोमवार से विधानसभा के मॉनसून सत्र का आगाज हो रहा है. राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नीतीश सरकार के लिए ये सत्र आसान नहीं रहने वाला है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने अलग-अलग मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक हंगामा करने की तैयारी की है. इसमें सबसे अहम मुद्दा शिक्षक भर्ती को लेकर हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया एक आदेश है, जिसपर राज्य में बवाल मचा है.
PATNA : बिहार में शिक्षा विभाग की कमान जबसे केके पाठक संभाले हैं तब से वह लगातार कोई ना कोई नया फरमान जारी करते रहते हैं। इसी कड़ी में अब केके पाठक ने यह फरमान जारी किया है कि, बिहार के शिक्षक आप मोबाइल पर रील नहीं बना सकेंगे। इसके साथ ही साथ स्कूल अवधि में व्हाट्सएप पर चैटिंग करने से भी रोक लगा दी गई है।
Bihar News: बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर माहौल अभी गर्म है। छात्र एक तरफ सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, तो वहीं बीजेपी शिक्षक भर्ती के नियमों को लेकर लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर है। वहीं बिहार विधानसभा में सोमवार (10 जुलाई) से मानसून सत्र शुरु होने जा रहा है, जो कि देखा जाए तो 14 जुलाई तक चलेगा। ऐसे में कहा जा रहा है कि इन पांच दिनों में बिहार सरकार को विपक्ष (भाजपा) शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर घेर सकती है। वहीं बिहार के छात्र भी इस मानसून सेशन में क्या होने वाला है, इस बात की टकटकी लगाए हुए हैं।