; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

शिक्षक नियोजन: पहली से पांचवीं तक के 906 पदों पर हुआ नियोजन

 5 हजार से अधिक अभ्यर्थी पहुंचे थे नियोजन केन्द्र

बिहारशरीफ के मॉडल व कन्या मध्य विद्यालयों में हुई काउंसिलिंग

सामान्य विषयों के लिए 729 तो उर्दू के 177 पदों पर हुआ नियोजन

फोटो:

टीचर काउंसिलिंग 01: बिहारशरीफ के आवासीय मॉडल मध्य विद्यालय में काउंसिलिंग के लिए मंगलवार को उमड़ी अभ्यर्थियों की भीड़।

बिहारशरीफ। हिन्दुस्तान संवाददाता

शिक्षक नियोजन के अंतिम दिन मंगलवार को बिहारशरीफ के मॉडल मध्य विद्यालय व कन्या मध्य विद्यालय में पहली से पांचवीं तक के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हुई। कुल 906 पदों के लिए हुए नियोजन में पांच हजार से अधिक अभ्यर्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अभ्यर्थियों की भीड़ व वाहनों से भैंसासुर की मुख्य सड़क पूरी तरह जाम हो गयी।

नियोजन के अंतिम दिन कुल 906 पदों में सामान्य के लिए 729 तो उर्दू के 177 पदों पर काउंसिलिंग हुई। नियोजन की शुरुआत तो अपने निर्धारित समय पर सुबह साढ़े 10 बजे कर दी गई। लेकिन, नियोजन खत्म होते-होते काफी देर हो गई। दोनों नियोजन केन्द्रों पर सबसे पहले दिव्यांग व स्वतंत्रता सेनानी के परिवार व अन्य आरक्षित कोटि के लाभुकों की काउंसिलिंग हुई। उसके बाद फिर सामान्य लोगों की बारी आई। इस दौरान सुरक्षा की भी सख्त व्यवस्था की गई थी। मजिस्ट्रेट व पुलिस के जवान तो तैनात थे ही विभाग के अधिकारी भी हर समय घूम-घूमकर शांतिपूर्ण व कदाचार काउंसिलिंग की व्यवस्था को चेक करते रहे।

पानी के लिए बिलखते दिखे अभ्यर्थी:

नियोजन केन्द्र पर भीड़ तो काफी थी, पर इस गर्मी में भी पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं थी। अभ्यर्थी भाग-दौड़ करते गर्मी में पसीना से भीगने के बाद पानी खोजते तो कहीं पानी की व्यवस्था थी ही नहीं। दोपहर दो बजे के बाद तो अभ्यर्थी पानी के लिए बिलबिलाते नजर आए। उनके साथ दिक्कत यह थी कि कहीं ऐसा न हो कि वे पानी लाने जाएं और इधर पुकार हो जाए। इस कारण कोई भी अभ्यर्थी पानी तक लाने नहीं जा पा रहे थे। अगर कोई अभ्यर्थी बाहर खड़े परिजन से पानी लाने को कहते तो मुख्य द्वार से उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। इस कारण लोग पानी के लिए परेशान दिखे।

UPTET news