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शिक्षकों ने की हाई कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग

मधेपुरा। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू के आह्वान पर उच्च न्यायालय के आदेश के लागू करने के लिए जिला सचिव भूवन कुमार ने सड़क से सदन तक घेरा बंदी करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन देने में आनाकानी करना स्पष्ट रूप से सरकार के संवेदनहीनता को दर्शाता है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार तानाशाही रवैया अख्तियार कर बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने की तैयारी करने में जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार के उदासीन रवैया के कारण अभी तक विभाग सेवा शर्त नहीं बना सकी है। इसके साथ ही समय पर वेतन का भुगतान भी नहीं कर रही है। अल्प वेतन के कारण शिक्षक अपना पेट नहीं भर पा रहे हैं और न ही अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में सक्षम हो रहे हैं। इसके साथ ही वेतन का नियमित भुगतान नहीं होने से शिक्षकों के सामने भूखे की समस्या उत्पन्न हो गई है। नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन और ऐच्छिक स्थानांतरण, वरीयता का लाभ, प्रोन्नति, सेवा निरन्तरता का लाभ, भविष्य निधि, ग्रुप बीमा, स्नातक ग्रेड में समायोजन, अप्रशिक्षिक को ग्रेड पे, ग्रेड पे के लिए प्रशिक्षितों के लिए निर्धारित दो वर्षीय काल अवधि का शिथिलकरण, अप्रशिक्षितों को एक साथ प्रशिक्षण, विद्यालय का वित्तीय प्रभार, प्रधानाध्यापक पद व वेतन निर्धारण का कार्य लंबित होने की बात कहीं। इस अवसर पर शिक्षक संजय कुमार संजीव, सुलेखा कुमारी, वैद्यनाथ प्रसाद यादव, अशोक कुमार, जयप्रकाश यादव, अरबिन्द पासवान, भुपेन्द्र मंडल, रामबिलास कुमार, जिलाध्यक्ष संजय कुमार, जिला कोषाध्यक्ष बिनोद कुमार राम, अनिल कुमार, परिमल कुमार, जयप्रकाश यादव, सुबोध कुमार, बिरेन्द्र कुमार बिराना ,कौशल किशोर ¨सह आदि शिक्षकों ने भी मांग को समर्थन किया।

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