सबौर के ग्रामीणों का आरोप है कि सबौर हाईस्कूल में प्राचार्य और
शिक्षक क्लास छोड़ कर स्टाफ रूम में गप्पे लड़ाते हैं। स्कूल में शिक्षक
कभी समय पर नहीं आते। इलाके के लोगों ने सोमवार को प्राचार्य और शिक्षकों
के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है।
इलाके के एक मात्र हाईस्कूल में छात्रों ने जाना बंद कर दिया है। स्कूल में न लैब काम करता है न कंप्यूटर। ग्रामीणों ने बताया कि उनके बच्चों ने पढ़ाई नहीं होने से स्कूल जाना छोड़ दिया है। आर्य टोला के कार्तिक शाह ने बताया कि यहां के शिक्षकों को सिर्फ वेतन से मतलब है। शिक्षक और प्राचार्य समय के बाद आते हैं और समय से पहले निकल जाते हैं। शंकर पासवान और विनोद शर्मा ने बताया कि छात्रों ने यहां कंप्यूटर देखा तक नहीं। स्कूल में 26 शिक्षक हैं। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि यहां प्रैक्टिकल नहीं होता है। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि स्कूल में हाजरी तक नहीं लगाई जाती है। स्कूल में 10 कंप्यूटर थे जिसमें पांच गायब हो चुके हैं।
पूरे स्कूल परिसर में पसरी है गंदगी
सबौर हाईस्कूल में चारों तरफ गंदगी पसरी है। स्कूल में सफाई का कोई काम नहीं होता है। हालांकि पहले यहां लगे फूलों की खुशबू दूर तक फैलती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि नए प्राचार्य कैलाश रजक की उपेक्षा के कारण यह स्थिति हो गई है।
कंप्यूटर से लेकर लैब तक की सुविधा छात्रों को उपलब्ध है। महिला शिक्षक अधिक हैं इसलिए उन पर नियंत्रण नहीं है। स्कूल में भूगोल, इतिहास, और नागिरक शास्त्र के शिक्षकों का अभाव है। स्कूल में गंदगी को साफ करने का प्रयास किया जाएगा।
कैलाश रजक, प्राचार्य
इलाके के एक मात्र हाईस्कूल में छात्रों ने जाना बंद कर दिया है। स्कूल में न लैब काम करता है न कंप्यूटर। ग्रामीणों ने बताया कि उनके बच्चों ने पढ़ाई नहीं होने से स्कूल जाना छोड़ दिया है। आर्य टोला के कार्तिक शाह ने बताया कि यहां के शिक्षकों को सिर्फ वेतन से मतलब है। शिक्षक और प्राचार्य समय के बाद आते हैं और समय से पहले निकल जाते हैं। शंकर पासवान और विनोद शर्मा ने बताया कि छात्रों ने यहां कंप्यूटर देखा तक नहीं। स्कूल में 26 शिक्षक हैं। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि यहां प्रैक्टिकल नहीं होता है। स्कूल के एक छात्र ने बताया कि स्कूल में हाजरी तक नहीं लगाई जाती है। स्कूल में 10 कंप्यूटर थे जिसमें पांच गायब हो चुके हैं।
पूरे स्कूल परिसर में पसरी है गंदगी
सबौर हाईस्कूल में चारों तरफ गंदगी पसरी है। स्कूल में सफाई का कोई काम नहीं होता है। हालांकि पहले यहां लगे फूलों की खुशबू दूर तक फैलती थी। ग्रामीणों का आरोप है कि नए प्राचार्य कैलाश रजक की उपेक्षा के कारण यह स्थिति हो गई है।
कंप्यूटर से लेकर लैब तक की सुविधा छात्रों को उपलब्ध है। महिला शिक्षक अधिक हैं इसलिए उन पर नियंत्रण नहीं है। स्कूल में भूगोल, इतिहास, और नागिरक शास्त्र के शिक्षकों का अभाव है। स्कूल में गंदगी को साफ करने का प्रयास किया जाएगा।
कैलाश रजक, प्राचार्य