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शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी का भविष्य दांव पर , कई योग्य अभ्यर्थी नौकरी से रह जाएंगे वंचित

पटना। कार्यालय संवाददाता  नियोजन इकाई और जिला शिक्षा प्रशासन की लापरवाही से शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी का भविष्य दांव पर लग गया है। राज्य सरकार ने नियोजन कार्य में इनकी शिथिलता को देखते हुए तीन बार शेडयूल जारी किया। फिर भी कई योग्य अभ्यर्थी नौकरी से वंचित रह जाएंगे।
पहले में थी तीसरी में हो गयी समाप्तनृत्य, संगीत व ललित कला के शिक्षकों के लिए पहले नियोजन शेड्यूल में नियोजन नियमावली के मुताबिक जहां उनकी उम्र शिक्षक बनने के योग्य थी तो वह तीसरी शेड्यूल में समाप्त हो गई। अब उनकी आयु शिक्षक बनने योग्य नहीं है। नियोजन इकाई की काहिली का खामियाजा अब इन्हें भुगतना होगा। राज्य सरकार ने पहली बार सरकारी स्कूलों में नृत्य, संगीत व ललित कला के नियोजित शिक्षकों को बहाल करने का आदेश जारी किया था। लेकिन 38 जिलों में से मात्र 20 जिलों ने ही नियोजन की प्रक्रिया पूरी की थी। 18 जिलों में नियोजन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसमें से एक पटना जिला भी है। कब-कब निकलीतीन बार सूची जारी हुई। पहली बार जनवरी 2016 में दूसरी बार जुलाई और तीसरी बार दिसंबर माह में। पहली सूची पूरी तरह विफल रही। दूसरी सूची जारी होने के बाद 20 जिलों में नियोजन की प्रक्रिया पूरी की गई। मांगा दिशा निर्देश पटना जिला ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक से आयु के संबंध में दिशा निर्देश मांगा। सात अक्टूबर को विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक बताया गया कि संबंधित नियोजन इकाई द्वारा प्रकाशित विज्ञप्ति / उपयुक्त प्रावधान यानी जो प्रावधान है उस आधार पर उम्र सीमा के तहत कार्रवाई की जाए। पटना जिला को 13 दिसंबर से शुरू होना था। 14 दिसंबर को सूची प्रकाशित करनी थी। लेकिन 15 दिसंबर को सूची प्रकाशित हुई। सूची में कई शिक्षकों की उम्र ज्यादा बतायी गई। जबकि दूसरे जिले में 2012 के नियमावाली के अनुसार कई शिक्षक स्कूलों में काम कर रहे हैं, जिनका नाम पटना जिला द्वारा जारी सूची में हैं और उनकी उम्र ज्यादा बताई गयी है। सवाल उठता है कि एक ही राज्य और जिले में नियम कैसे अलग-अलग हो सकते हैं।किसी का 37 साल दो माह तो किसी का पांच माहशेष बचे विभिन्न नियोजन इकाई की लापरवाही के कारण पटना जिला के अनिरुद्ध कुमार सिंह, मणीदीपा साहू, सहित कई लोग शिक्षक बनने से वंचित रह गए हैं। अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के बेवसाइट पर जो पटना जिला ने संगीत शिक्षकों की सूची जारी की है उसके मुताबिक कई ऐसे शिक्षक हैं जिनकी उम्र अब शिक्षक बनने योग्य नहीं है। लेकिन वे शिक्षक दूसरे जिले में आठ माह से और कोई पांच माह से कहीं न कहीं काम कर रहे हैं। हम लोगों के साथ ऐसा सौतेला व्यावहार क्यों। बॉक्स:पटना जिले के दानापुर, मनेर और मोकामा में दूसरी सूची के मुताबिक नृत्य संगीत व ललित कला के शिक्षकों का नियोजन कर लिया गया है। सवाल उठता है इन तीनों ने नियोजन की प्रक्रिया कैसे पूरी की जबकि पटना जिला में कई जगहों पर नियोजन हुआ ही नहीं। क्या था नियम:जिन अभ्यर्थियों की उम्र सीमा शिक्षक पात्रता परीक्षा के समय निर्धारित उम्र सीमा के अधीन थी। तथा जिन्होंने शिक्षित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, वैसे अभ्यर्थियों की अधिक उम्र सीमा की शिक्षक नियोजन के 2012 अंतर्गत संबंधित नियोजन समिति द्वारा नियोजन की कार्रवाई की जाएगी। अभ्यर्थी के नियोजन आदेश में इस बात का उल्लेख कर दिया जाएगा।

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