देवघर : देवघर में नवनियुक्त 17 शिक्षकों के टेट प्रमाण पत्र झारखंड
अधिविद्य परिषद ने फर्जी करार दिया है. सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट परिषद
द्वारा अगस्त के दूसरे सप्ताह में जिला को उपलब्ध करा दिया गया था. लेकिन,
रिपोर्ट प्राप्ति के करीब पांच माह बाद भी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर
कार्य करने वाले शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. उनकी सेवा
स्कूलों में निरंतर जारी है. विभाग के इस कार्यशैली से शिक्षक नियुक्ति से
वंचित अभ्यर्थियों में काफी रोष है.
विभागीय सूत्रों की माने तो सत्यापन के लिए भेजे गये प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड से मिलान करने पर टेट प्रमाण पत्र में किसी का सीरियल नंबर, किसी का नाम, किसी का अंक गलत पाया गया. इससे पहले प्रथम चरण में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय देवघर द्वारा वैध डिमांड ड्रॉफ्ट के साथ इंटर प्रशिक्षित 41 एवं स्नातक प्रशिक्षित 16 नवचयनित शिक्षकों का टेट प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए झारखंड अधिविद्य परिषद रांची भेजा गया था.
किन-किन शिक्षकों के प्रमाण पत्र फरजी
झारखंड अधिविद्य परिषद के सत्यापन रिपोर्ट में 17 नवनियुक्त शिक्षकों
का टेट प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था. इसमें दिलीप कुमार दास, निशा शालिनी
मुर्मू, विनोद कुमार दास, अर्चना भारती, रीता कुमारी, ज्योतिष कुमार मंडल,
अरविंद कुमार सिंह, मनीष कुमार, शांतनु सौरभ, रतन कुमार सिन्हा, सीताराम
यादव, कंचन कुमारी, धनंजय कुमार, पवन कुमार, घनश्याम मुरारी, पॉली सेन एवं
सुजीत कुमार का नाम शामिल है.