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व्यापक पैमाने पर शिक्षक नियोजन में (फर्जीवाड़ा) अनियमितता : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates

 नरकटियागंज(पश्चिम चम्पारण) बिहार में नियोजित शिक्षकंों के प्रमाणपत्रों की जाँच को लेकर माननीय पटना उच्च न्यायालय निर्देशानुसार निगरानी विभाग की टीम द्वारा की जा रही है। गौरतलब है कि राज्य में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियोजित शिक्षकांे के पकड़े जाने के बाद न्यायालय में दायर वाद पर निर्णय देते हुए न्यायालय ने जनहित में एक सराहनीय फैसला दिया है।
जिसके आलोक में सरकार की पहल भी सराहनीय है। युवा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के जिलाध्यक्ष सागर श्रीवास्तव ने सचिव निगरानी विभाग बिहार सरकार को अपने पत्रांक 17/2015 दिनांक 02 जून 2015 के माध्यम से एक अतिरिक्त मांग किया है कि निगरानी विभाग जिस प्रकार से फर्जी प्रमाणपत्रों की जाँच कर रहा है। उसी प्रकार विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नियोजित शिक्षकांे की विकलांगता की जाँच के लिए निगरानी विभाग एक अधिकृत चिकित्सकीय बोर्ड का गठन करे। युवा रालोसपा के जिलाध्यक्ष ने यह स्पष्ट किया है कि जिला में 2006 से अब तक व्यापक पैमाने पर शिक्षक नियोजन में (फर्जीवाड़ा) अनियमितता बरती गई है। जिसकी जाँच आवश्यक है क्योकि असली विकलांग सड़क पर ठोकरें खा रहे हैं, जबकि फर्जी प्रमाणपत्र वाले नौकरी कर रहे है। सरकारी अधिकारियों की मिली भगत से फर्जी नियोजित कर्मी सरकारी खजाने को लूटने का काम कर रहे हैं।

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