; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

24 दिन बाद भी काॅपियों की जांच पर फैसला नहीं

मुजफ्फरपुर: बीआरए बिहार विवि 24 दिन बाद भी पार्ट-वन की काॅपियों जांच पर कोई फैसला नहीं ले सका है. इस कारण  पार्ट-वन की करीब पांच लाख कॉपियों का बंडल अबतक नहीं खुल सका है.
इस बीच विवि ने मूल्यांकन निदेशक डॉ शिवजी सिंह को हटा दिया है. साथ ही डॉ बीएस झा को मूल्यांकन निदेशक की जिम्मेदारीदी गयी है. इसके बावजूद कॉपियों जांच अबतक नहीं शुरू हो सकी है. इससे यूजी से लेकर पीजी तक के रिजल्ट में देर हो रही है. 

पार्ट-वन के मूल्यांकन निदेशक डॉ शिवजी सिंह के विरोध में शिक्षकों ने 14 फरवरी से ही मूल्यांकन ठप कर दिया था. इसके विरोध में शिक्षक लगातार धरने पर थे. प्रॉक्टर डॉ सतीश कुमार राय ने बीचबचाव कर मामले को शांत कराया था. इस बीच राजभवन ने उन्हें एमफिल मामले में निलंबित कर विभागीय कार्रवाई करने का आदेश जारी किया.

इसके बाद विवि ने उन्हें मूल्यांकन निदेशक पद से हटा दिया. लेकिन उनको पद से हटाये जाने को करीब दस दिन से अधिक हो गये, लेकिन अबतक कॉपियों की जांच शुरू नहीं हो सकी है. कॉपियों की जांच नहीं होने से पार्ट-वन, टू व थ्री के रिजल्ट में लगातार देरी हो रही है. सत्र पहले से ही करीब एक साल लेट चल रहा है. उस पर समय से मूल्यांकन नहीं होना छात्रों को और टेंशन दे रहा है. इस कारण पीजी की परीक्षाएं भी समय नहीं हो पा रही हैं, क्योंकि मौजूदा समय में एग्जामिनेशन हॉल में कॉपियों के बंडल रखे हुए हैं. जब तक एग्जामिनेशन हाॅल खाली नहीं होता, तबतक विवि परीक्षा शुरू नहीं करा सकता है.

UPTET news