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प्रारंभिक शिक्षकों की वरीयता सूची में बरती गयी अनियमितता

कटिहार। प्रारंभिक शिक्षकों को स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में प्रोन्नति देने के लिए अंतिम वरीयता सूची निर्धारण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गयी है। सूची में ऐसे शिक्षकों का नाम भी अंकित कर दिया गया है। जिनपर विभागीय कार्रवाई, फोल्डर जांच एवं प्रमाण पत्रों की निगरानी जांच से संबंधित मामले भी हैं।
वरीयता सूची में वर्ष 2009 एवं 2015 में मैट्रिक प्रशिक्षित वेतन प्राप्त करने वाले शिक्षकों के नाम को भी शामिल कर लिया गया है। बिना फोल्डर जांच की कार्रवाई पूरा हुए नियम के विपरीत ऐसे शिक्षकों का नाम सूची में शामिल कर लिया गया है। प्रकाशित सूची में शिक्षकों के वरीयता क्रमांक में भी गड़बड़ी की बात सामने आयी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई एवं प्रमाण पत्रों की जांच से संबंधित मामलों में जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही प्रोन्नति संबंधी पत्र निर्गत किया जाएगा। नियम के मुताबिक जांच प्रक्रिया पूरी होने तक प्रोन्नति संबंधी वरीयता सूची में ऐसे शिक्षकों का नाम अंकित नहीं किया जाना है। इस संबंध विभागीय अधिकारी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रहे हैं। फोल्डर जांच के बाद प्रतिवेदन प्राप्त किए बिना वरीयता सूची का निर्धारण कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी। शिक्षक समन्वय संघर्ष समिति ने सूची में अविलंब सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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