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शिक्षक बहाली मामले में दो अधिकारी तलब

सूबे के सरकारी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में शिक्षकों की बहाली मामले में पटना हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव सहित बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव को तलब किया है। अदालत ने कहा कि ब्लेम गेम का खेल नहीं चलेगा।

कोर्ट ने बहाली के लिए सरकार की ओर से आयोग को भेजी गई अधियाचना का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश आयोग को दिया। कार्यकारी चीफ जस्टिस आईए अंसारी व जस्टिस एसपी सिंह की खंडपीठ ने जनार्दन हेम्ब्रन की लोकहित याचिका पर सुनवाई की। आवेदक के वकील अमित का कहना था कि सूबे के सरकारी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में शिक्षक नहीं हैं।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 1060 शिक्षकों की बहाली के लिए आयोग को गत वर्ष 13 मई को ही अधियाचना भेजी गई है। आयोग के वकील संजय पांडेय का कहना था कि अधियाचना प्राप्त होने के बाद आयोग ने सरकार से कुछ जरूरी सूचना मांगी है।
अदालत ने कहा कि अधियाचना के एक वर्ष होने को आए, लेकिन अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। अदालत ने कहा कि ब्लेम गेम का खेल कब तक चलता रहेगा। यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पूर्व भी कोर्ट ने पाया है कि अधियाचना के बाद बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। अदालत ने आयोग को सरकार की ओर से भेजी गई सभी अधियाचना की पूरी जानकारी देने का आदेश दिया।
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