बिहार के कटिहार जिले में कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित वेतन और अन्य बकाया भुगतान को लेकर शिक्षा विभाग ने अब भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला शिक्षा अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि तकनीकी अड़चनों को दूर कर जल्द ही शिक्षकों के खाते में राशि भेजी जाएगी।
शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों के बीच हुई बैठक
कटिहार में प्रधानाध्यापकों और शिक्षक प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) से मुलाकात की। इस बैठक में दिसंबर माह के वेतन सहित अन्य लंबित भुगतान से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा गया।
अधिकारियों ने बताया कि वेतन भुगतान में देरी का मुख्य कारण HRMS प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी है, जिसे ठीक करने का कार्य तेजी से चल रहा है।
तकनीकी समस्या बनी भुगतान में बाधा
शिक्षा विभाग के अनुसार, ट्रेजरी लॉगिन और वित्त विभाग के लॉगिन में तकनीकी असमानता के कारण वेतन निर्गत नहीं हो पा रहा था। इस समस्या के समाधान के बाद सभी लंबित भुगतान एक साथ जारी किए जाने की योजना है।
पदोन्नत शिक्षकों की वेतन समस्या पर भी चर्चा
बैठक में उन शिक्षकों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिन्हें शिक्षक से प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत किया गया है। कई मामलों में 15 प्रतिशत वेतन निर्धारण से संबंधित फॉर्म उपलब्ध न होने के कारण भुगतान रुका हुआ है।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि जिन शिक्षकों के पास आवश्यक फॉर्म उपलब्ध नहीं हैं, वे दिसंबर 2024 के वेतन से संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करें, ताकि वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
शिक्षा विभाग का आश्वासन
जिला शिक्षा कार्यालय ने आश्वासन दिया है कि:
-
सभी लंबित वेतन और बकाया भुगतान जल्द निपटाए जाएंगे
-
लेखा कर्मियों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं
-
भविष्य में ऐसी देरी न हो, इसके लिए प्रणाली में सुधार किया जाएगा
शिक्षकों में उम्मीद की किरण
लंबे समय से वेतन भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों में अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। शिक्षा विभाग की इस पहल को शिक्षकों के हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष
कटिहार में शिक्षकों के बकाया भुगतान को लेकर शुरू की गई प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यदि तय समय में भुगतान पूरा होता है, तो इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।