बिहार के नवादा जिले में शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 539 सरकारी शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न करने के कारण की गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
क्यों जारी किए गए नोटिस
बिहार सरकार द्वारा सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसके तहत शिक्षकों को प्रतिदिन समय पर पोर्टल पर लॉगिन कर उपस्थिति दर्ज करनी होती है।
जांच में पाया गया कि नवादा जिले के 539 शिक्षक और स्कूल प्रमुख नियमित रूप से या समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे थे, जिसे विभागीय निर्देशों का उल्लंघन माना गया।
24 घंटे में जवाब देने का निर्देश
जिन शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
संभावित कार्रवाई में:
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वेतन कटौती
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विभागीय जांच
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निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई
शामिल हो सकती है।
शिक्षा विभाग की सख्त चेतावनी
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूलों की निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करें।
शिक्षकों में बढ़ी चिंता
एक साथ बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने से जिले के सरकारी स्कूलों में हड़कंप मच गया है। शिक्षक अब ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं और समय पर उपस्थिति दर्ज करने पर जोर दिया जा रहा है।
निष्कर्ष
नवादा जिले में 539 शिक्षकों को जारी किया गया नोटिस यह दर्शाता है कि बिहार शिक्षा विभाग डिजिटल निगरानी प्रणाली को लेकर पूरी तरह गंभीर है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।