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लाखों के बंदरबांट का मामला : फाइल खोजने में जुटा विभाग नहीं बंटी. वर्ग कक्ष में पड़ी हैं सैकड़ों साइकिलें

मुंगेर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वपूर्ण बालिका साइकिल योजना में लाखों के बंदरबांट का मामला मुंगेर जिले में सामने आ रहा है. वर्ष 2007-08 में शिक्षा विभाग द्वारा सीधे साइकिल खरीद कर स्कूली छात्राओं को उपलब्ध करायी गयी थी. जिसमें तत्कालीन शिक्षाधिकारियों ने भारी अनियमितता बरती है. क्योंकि लाखों रुपये की साइकिल पिछले सात साल से जिला स्कूल के एक कक्ष में जंख खा रहा है. जिसका न तो बालिकाओं के बीच वितरण किया गया और न ही संबंधित साइकिल एजेंसी को वापस किया गया. अलबत्ता शिक्षाधिकारियों ने राशि की तो बंदरबांट कर ली.
 

किंतु बालिकाओं को मिलने वाली साइकिल आज कूड़ा बनता जा रहा है. इस मामले की खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मच गयी है और जिला पदाधिकारी उदय कुमार सिंह के निर्देश पर जांच कमेटी गठित की गयी है. शिक्षा विभाग के अधिकारी बताते हैं कि जो साइकिल जिला स्कूल में पड़ी हुई है वह वर्ष 2007-08 का है. क्योंकि उसी समय शिविर लगाकर सर्वशिक्षा अभियान के तहत बालिकाओं को साइकिल उपलब्ध करायी गयी थी. मुंगेर के नगर भवन एवं जिला स्कूल में कैंप लगाकर बालिकाओं को साइकिल दी गयी थी. माना जा रहा है कि उसी समय थौक भाव में इस साइकिल की खरीद की गयी थी जो वितरण नहीं होने के कारण जिला स्कूल के कक्ष में रख दिया गया था. 
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