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अधर में फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच, जारी है नौकरी

अररिया। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाबजूद भरगामा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में कथित रुप से आज भी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियोजित शिक्षक पदस्थापित हैं । बताया जाता है प्रखंड मुख्यालय में भी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्रखंड शिक्षक कार्यरत होकर उच्च न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं ।
फर्जी प्रमाणपत्र के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा आदेश निर्गत किया गया था दिनांक 22-06-2015 को पारित आदेश के आलोक में जाली प्रमाणपत्र के आधार पर पदस्थापित शिक्षक स्वेच्छा से दिनांक 09-07-2015 के भीतर त्यागपत्र देते हैं तो एक बार क्षमा दान के अंतर्गत उन्हें माफी दी जाएगी । त्यागपत्र नही देने वाले शिक्षकों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज किया

जाएगा एवं वेतनादि की राशि की वसुली की जाएगी। मामले को लेकर दोबारा उच्च न्यायालय का आदेश निर्गत किया गया। बावजूद इसके भरगामा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में आज भी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षक पदस्थापित हैं । इतना ही नहीं भरगामा बीडीओ कार्यालय में भी कथित रुप से दो प्रखंड शिक्षक प्रमाणपत्र के आधार पर पदस्थापित हैं । हालांकि उक्त फर्जी शिक्षक को तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भरगामा प्रताप नारायण ने न्यायालय के आदेश को लेकर स्पष्टीकरण पूछा था। हालांकि शिक्षकों का कहना है कि वे न्यायालय में अपील किये हैं । जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी रेखा कुमारी ने कहा विभाग की ओर से उक्त शिक्षकों के खिलाफ किसी भी प्रकार का आदेश प्राप्त नहीं है।
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