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टापर्स घोटाले की आंच : क्या अनिल की नियुक्ति में हुई थी नियमों की अनदेखी !

जागरण संवाददाता, मुंगेर : सूबे के टापर्स घोटाले की आंच अब मुंगेर भी पहुंच गई है। टापर्स घोटाले के ¨कगपिन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के आप्त सचिव अनिल कुमार की बोर्ड में प्रतिनियुक्ति भी नियम कानून को ताख पर रख कर किया गया।
टापर्स घोटाले की जांच में जुटी एसआइटी ने जब बोर्ड में अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद के सचिव के रूप में अनिल के प्रतिनियुक्ति मामले की जांच शुरू की, तो उसमें भी गड़बड़झाला सामने आ गया। नियम कानून को ताख पर रख कर अनिल की प्रतिनियुक्ति सीधे बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष के सचिव के रूप में कर दी गई। मुंगेर के तत्कालीन डीडीसी नागेंद्र कुमार ¨सह ने अनिल के बोर्ड अध्यक्ष के सचिव के रूप में प्रतिनियुक्ति को लेकर एनओसी दिया था। ऐसे में मुंगेर के तत्कालीन डीडीसी भी एसआइटी के निशाने पर हैं। हालांकि, डीडीसी ने एनओसी जारी करने वाले संचिका में लिखा था कि यदि नियमानुसार संबंधित शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की जा रही है, तो इसके लिए एनओसी दिया जा सकता है। इसके बाद अनिल की नियुक्ति लालकेश्वर प्रसाद के सचिव के रूप में कर दी गई। बताते चलें कि अनिल कुमार लालकेश्वर के सचिव नियुक्त किए जाने से पूर्व जिले के तारापुर अनुमंडल स्थित आदर्श उच्च विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत था। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिल पूर्व में परीक्षा समिति के परीक्षा से संबंधित उत्तरपुस्तिका के स्क्रूटनी का कार्य करता था। इसके बाद उसकी लालकेश्वर प्रसाद के सचिव नियुक्त किए जाने संबंधी मांग के साथ एनआोसी को लेकर बीएसईबी की चिट्ठी तत्कालीन डीडीसी नागेंद्र कुमार ¨सह को प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने संचिका पर नियमानुसार पाए जाने पर एनओसी दिए जाने की बात कही थी। एनओसी मिलने के बाद अनिल लालकेश्वर प्रसाद का सचिव बन गया तथा प्रतिमाह आदर्श उच्च विद्यालय को अपनी अनुपस्थिति भेजता रहा है और विद्यालय के प्रधानाध्यापक उसके वेतन का भुगतान करते रहे। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रधानाध्यापक से भी एसआइटी पूछताछ कर सकती है।

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