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एमएड को एनसीटीइ की स्वीकृति नहीं

बोधगया: मगध विश्वविद्यालय (एमयू) में नियमित कोर्सों के तहत दो वर्षीय एमएड की पढ़ाई शुरू करने को लेकर अबतक नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीइ) से स्वीकृति नहीं मिली है. एनसीटीइ के रवैये से एेसा प्रतीत हो रहा है कि अगर स्वीकृति मिलने में विलंब हुई, तो  सत्र 2016-17 से एमयू में एमएड की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकेगी.


इससे एमएड करने के इच्छुक विद्यार्थी मायूस हैं. हालांकि, एमयू में नियमित कोर्स के तहत दो वर्षीय एमएड की पढ़ाई शुरू करने की प्रक्रिया के तहत पिछले 26 अप्रैल को एनसीइटी की टीम के सदस्य के रूप में कोलकाता के प्रो प्रदीप्त कुमार मिश्रा व भुनेश्वर (ओड़िशा) के डॉ अजीत प्रसाद महापात्रा ने एमयू के शिक्षा विभाग का दौरा किया था. इस दौरे के दौरान एनसीइटी की टीम ने एमयू में एमएड की पढ़ाई शुरू करने से संबंधित शिक्षा विभाग में मौजूद संसाधनों पर पूरी तरह से संतुष्टि जतायी थी.

उस मौके पर टीम के साथ मौजूद शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ इसराइल खां व सहायक प्राध्यापक डॉ धनंजय धीरज ने एनसीटीइ की टीम के हर सवालों पर गंभीरता से जवाब दिया था. 26 अप्रैल की रात एनसीइटी की टीम ने कुलपति प्रो (डॉ) मोहम्मद इश्तियाक के साथ हुई बैठक के दौरान एमएड की पढ़ाई को लेकर एमयू में मौजूद संसाधन पर अपनी संतुष्टि जतायी थी. इसके बावजूद अब तक एनसीटीइ द्वारा एमएड की पढ़ाई शुरू करने से संबंधित अनुमति नहीं देने से बीएड कर चुक विद्यार्थियों में निराशा है.
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