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जांच का जिम्मा डीईओ को दिया गया / शिक्षकों के वेतन गड़बड़ी में जिनकी संलिप्तता उन्हीं को जांच का जिम्मा

लखीसराय. नियोजित शिक्षकों के वेतन की राशि से नियमित शिक्षकों के एरियर का भुगतान करने का मामला गरमाने लगा है। नियोजित शिक्षक संघ के नेताओं ने डीईओ एवं डीपीओ स्थापना के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। नियोजित शिक्षकों के वेतन के हकमारी के विरोध में नियोजित शिक्षकाें के संघ बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति 20 जून को शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा के समक्ष महाधरना दिया जाएगा।
शिक्षक संगठनों ने कहा कि वेतन में गड़बड़ी के मामले की जांच डीएम ने वैसे अधिकारी को दिया है जिसकी खुद इस मामले में संलिप्तता है। ऐसे में निष्पक्ष जांच होना संभव नहीं है। इसकी जांच जिले के वरीय अधिकारियों से कराने की मांग की। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुंदन ने बताया कि नियोजित शिक्षकों के वेतन में गड़बड़ी मामले में स्थापना डीपीओ के साथ डीईओ की भी संलिप्तता है। ऐसे में डीएम ने मामले की जांच का जिम्मा डीईओ को दे दिया है।
कुल सात करोड़ का जिले को आवंटन


 नियोजित शिक्षकों के लिए सात करोड़ रुपये का अावंटन जिले को हुआ, लेकिन डीईओ एवं डीपीओ ने मिलकर राशि को नियमित शिक्षक के एरियर में भुगतान किया। जबकि एरियर के भुगतान के लिए अलग से राशि मांगनी थी। पैसे लेकर एरियर नियमित शिक्षक को दे देने का अाराेप लगाया।

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