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शिक्षक बहाली धांधली : बीइओ और तत्कालीन बीडीओ होंगे िगरफ्तार

मुजफ्फरपुर  : मीनापुर के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक बहाली के दौरान हुए धांधली के मामले में तत्कालीन बीडीओ,बीइओ के साथ ही नियोजन इकाई में शामिल सभी सदस्यों की संलिप्तता पायी गयी है. एसएसपी ने इन सभी सदस्यों के नामों का सत्यापन कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश अनुसंधानक को दिया है. गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में घर की कुर्की-जब्ती के भी सख्त आदेश दिये है. एसएसपी ने इस मामले के सभी सात आरोपी पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने व संदिग्ध 31 पात्रता शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच बिहार विधालय परीक्षा समिति से कराने का भी निर्देश दिया है. इनके प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर उनको भी अभियुक्त बनाने का आदेश दिया है. 
 
दाउद छपड़ा निवासी अरविंद कुमार ने के बयान पर मीनापुर पुलिस ने तीन लोगाें सुबोध कुमार, रौशन कुमार व मनोज कुमार ठाकुर पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इन पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर वरीय पदाधिकारियों के सहयोग से टीइटी शिक्षकों की बहाली का आरोप लगा था. जांच में सभी के प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये थे. मामले की प्राथमिकी के बाद मामले की जांच की गयी थी. 
 
मुजफ्फरपुर  : मीनापुर के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक बहाली के दौरान हुए धांधली के मामले में तत्कालीन बीडीओ,बीइओ के साथ ही नियोजन इकाई में शामिल सभी सदस्यों की संलिप्तता पायी गयी है. एसएसपी ने इन सभी सदस्यों के नामों का सत्यापन कर उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश अनुसंधानक को दिया है. गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में घर की कुर्की-जब्ती के भी सख्त आदेश दिये है. एसएसपी ने इस मामले के सभी सात आरोपी पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने व संदिग्ध 31 पात्रता शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच बिहार विधालय परीक्षा समिति से कराने का भी निर्देश दिया है. इनके प्रमाण पत्र फर्जी पाये जाने पर उनको भी अभियुक्त बनाने का आदेश दिया है.
 
दाउद छपड़ा निवासी अरविंद कुमार ने के बयान पर मीनापुर पुलिस ने तीन लोगाें सुबोध कुमार, रौशन कुमार व मनोज कुमार ठाकुर पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. इन पर फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर वरीय पदाधिकारियों के सहयोग से टीइटी शिक्षकों की बहाली का आरोप लगा था. जांच में सभी के प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये थे. मामले की प्राथमिकी के बाद मामले की जांच की गयी थी. 
 
इनके प्रमाणपत्रों की भी हो रही जांच 
 
डीएसपी ने अन्य 31 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से कराने का निर्देश अनुसंधानक को दिया है. इसमें शिक्षक रीना कुमारी (उमवि,वासुदेव छपड़ा),रेखा कुमारी (उमवि,बरहंडा, उर्दु, राजीव रंजन कुमार (उमवि, हड़का, कुमारी उमा (उमवि, शिवपट्टी, अरुण कुमार (उमवि,पानापुर,पूनम कुमारी (उमवि,तालिमपुर), मनोज कुमार (उमवि,खड़हर),सुनील कुमार (उमवि, मलहटोली), सीमा कुमारी (उमवि,मझौलिया), रानी कुमारी (उमवि,खुटौना),
 
मनोज कुमार (उमवि,ढेढ़िया), लक्षमण पासवान (उमवि,टेंगराहां), प्रमीला कुमारी (उमवि,चांद परना), शचिन्द्र (उमवि,लौतन),गरीबनाथ सहनी (उमवि,छपड़ा हरिजन), सुशीला कुमारी (उमवि,पानापुर दक्षिण, दिनेश प्रसाद (उमवि,पुरैनिया), संगीता कुमारी (उमवि,बनघारा), अशोक कुमार (उमवि,राघोपुर हिन्दी), दिनेश कुमार (रामवि,रानीखैरा), अमीननाथ (उमवि,तुर्की बाजार), रानी पूनम (उमवि, दाउद छपड़ा), कृष्णा (उमवि,अलीनेउरा), नीलम कुमारी (रामवि,महदेइया), मुकेश कुमारी (उमवि,राघोपुर मदीन), रविशंकर भारती (रामवि,भेलाइपुर), रमेश कुमार (रामवि, महदेइया), काशीनाथ गुप्ता (रामवि,हरशेर),निर्मला कुमारी (मवि,बखरी), आनंद कुमार (उमवि,रामपुर रतन), प्रमोद कुमार ( मवि, पैगंबरपुर) शामिल है.
 
छह शिक्षकों के प्रमाणपत्र पाये गये फर्जी. मामले की जांच पूर्वी डीएसपी मुत्तफिक अहमद ने किया. जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये थे. आरोपी रौशन चौधरी, मृत्युंजय कुमार, पृथ्वी चौधरी, विनोद चौधरी और संगीता कुमारी ने कटिहार के वीर कुंवर सिंह शा.प्रा. महाविद्यालय से वर्ष 1994 में परीक्षा पास करने का प्रमाण पत्र नियोजन इकाई के समक्ष प्रस्तुत किया था. लेकिन जांच में यह खुलासा हुआ कि उक्त महाविद्यालय ने उक्त वर्ष में न तो कोई परीक्षा ही संचालित की थी और न ही प्रमाण पत्र पर वर्णित कोई रौल कोड ही इस्तेमाल किया था. वहीं आरोपी अरुण कुमार का भी प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया. फर्जी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति करने का मामला सामने आने पर डीएसपी ने 
 
इसमें अारोपी सहित तत्कालीन बीडीओ,बीइओ के साथ ही नियोजन इकाई के सभी सदस्यों को आरोपी मानते हुए उनके नामों का सत्यापन कर गिरफ्तारी का आदेश दिया है. फरार रहने की स्थिति में कुर्की जब्ती का भी निर्देश दिया है.

डीएसपी के जांच पर एसएसपी विवेक कुमार ने भी मुहर लगा दी है.
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