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शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन प्रभावित

खगड़िया। विभागीय स्तर पर विद्यालयों में लगातार गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के दावे किए जाते रहे हैं। परंतु गोगरी में सरकारी उदासीनता व अधिकारियों की लापरवाही के कारण सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। इसी का एक उदाहरण मध्य विद्यालय राटन भी है, जहा गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में शिक्षकों की कमी रोड़ा बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार मध्य विद्यालय राटन में बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मुहैया कराने में सबसे बड़ी बाधा विद्यालय में शिक्षकों की कमी का होना है। जिस कारण विद्यालय के बच्चों के पठन-पाठन पर गहरा असर पर रहा है। उक्त विद्यालय में वर्ग एक से आठ तक के कुल 604 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। उपस्थिति भी लगभग ठीक रहती है। यहा मात्र छह शिक्षक ही पदस्थापित हैं। उसमें भी एक शिक्षिका जुलाई से ही मातृत्व अवकाश पर है। यूनिट के हिसाब से विद्यालय में कम से कम 15 शिक्षकों की पदस्थापना आवश्यक है। ऐसे में बच्चों के पठन-पाठन कार्य का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार शिक्षक की कमी को लेकर कई बार अधिकारियों को कहा गया, परंतु इस ओर ध्यान ही नहीं दी जा रही है। प्रधानाध्यापक सुभाष सिंह ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय संचालन में घोर परेशानी है।


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