राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन संबंधित नई नीति को उदार बनाया गया है। नई नीति शिक्षकों के व्यापक हित में है और इससे अधिकांश शिक्षक संतुष्ट हैं। बुधवार को प्रदेश जदयू मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पत्रकारों से यह बात कही।
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'स्वतंत्रता है, लेकिन...'; ट्रांसफर-पोस्टिंग नीति पर कोर्ट जाने वाले टीचरों को शिक्षा मंत्री ने दिया स्पष्ट जवाब
इस कार्यक्रम में
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और भवन निर्माण मंत्री जयंत राज ने भी
हिस्सा लिया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने पत्रकारों के प्रश्नों पर कहा
कि जिन शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा पास कर लिया है और जिनकी काउंसलिंग हो
गई है।
पत्रकारों के इस सवाल पर कि कुछ शिक्षक
न्यायालय जाने की बात कह रह रहे हैं, इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि
स्वतंत्रता है, लेकिन सरकारी सेवक हैं। हम लोगों ने उनके हित में काम किया
है।उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
प्रदान करने को लेकर प्रतिबद्ध है और शिक्षकों को भी इस दिशा में पूरे लगन
से काम करना चाहिए। जनसुनवाई कार्यक्रम में सांसद अजय मंडल, विधान पार्षद
संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी एवं नवीन आर्य चंद्रवंशी मौजूद थे।
बता
दें कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षक अब हर माह
पुरस्कृत किए जाएंगे। नवंबर माह से सरकारी विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू
कर दी गई है।नवंबर माह में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को
दिसंबर माह में शिक्षक पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। इसे लेकर माध्यमिक
शिक्षा निदेशक ने डीईओ को पत्र भेज नई व्यवस्था को लागू किए जाने की बात
कही है।
डीईओ मदन राय ने बताया कि विभागीय निदेशक के पत्र से सभी अधिकारियों व
प्रधानाध्यापक को अवगत करा दिया गया है। इससे प्राथमिक से लेकर उच्च
माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारने में विभाग को मदद
मिलेगी। कारण कि नई व्यवस्था से शिक्षकों में अपने कार्य के प्रति उत्सुकता
बढ़ेगी।उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों के चयन के
लिए 12 बिंदु निर्धारित की गई है, जिसमें उनकी उपस्थिति, बच्चों को पढ़ाने
का तरीका, पाठ्य टीका संधारण समेत अन्य बिंदु को निर्धारित किया गया है।
प्रत्येक प्रखंड से एक शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। कहा कि जिले में
22 सौ से अधिक प्राथमिक, मध्य, उच्च व उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित होते
हैं।