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उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सरकार की बड़ी पहल, धन संकट भी नहीं बनेगा बाधा, जानें

पटना [दीनानाथ साहनी]। बिहार में उच्च शिक्षा में जरूरतें निश्चित तौर पर ज्यादा हैं, लेकिन उन पर धन का संकट भारी पड़ रहा है। लिहाजा, सरकार ने उच्च शिक्षा में पहले के अधूरे कामों को पूरा करने के साथ ही आने वाले वर्षों के लिए आधा दर्जन नई योजनाओं का खाका तैयार किया है।
देश भर में लागू होने वाली नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) ने मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च, ई-बुक लैब, रिसर्च पार्क और डिजाइन ओपेन स्कूल पर ज्यादा फोकस करने का निर्देश बिहार सरकार को दिया है। साथ ही भरपूर वित्तीय मदद का भरोसा भी दिया है।
उच्च शिक्षा में सुधार पर फोकस
हाल में राज्यपाल एवं कुलाधिपति लालजी टंडन द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षा नीति के आलोक में उच्च शिक्षा में सुधार के वास्ते नई स्कीमों पर फोकस करने का दिशा-निर्देश दिया गया था। अब रूसा ने अगले बजट में भी नई स्कीमों में वित्तीय मदद देने का भरोसा दिया है, इसलिए शिक्षा विभाग के आला अधिकारी मान रहे हैं कि उच्च शिक्षा में नये रोडमैप पर कार्य करने में सहूलियत होगी। नई योजनाओं में सरकार का खास फोकस मल्टी डिसिप्लिनरी शोध विश्वविद्यालयों पर होगा।
750 करोड़ खर्च करने की योजना प्रस्‍तावित
मानविकी जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध के खास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, शोध मूल्यांकन तंत्र और उसके लिए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अगले पांच साल में इस उच्च शिक्षा पर 750 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना प्रस्तावित है।
उच्च शिक्षण संस्थानों में तैयार होगा नेशनल डिजाइन इनोवेशन नेटवर्क
शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए राजभवन से प्रस्तावित रोडमैप पर अमल करने के लिए गंभीरता से विचार हो रहा है। इसी तरह एक योजना, डिजाइन ओपेन स्कूल व नेशनल डिजाइन इनोवेशन नेटवर्क खड़ा करने की भी है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर डिजाइन इनोवेशन सेंटर खोलने की भी पहल हो रही है। इस सब पर भी अगले पांच साल में 86 करोड़ रुपये खर्च का प्रस्ताव है। कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के मद्देनजर हर जिले में कम्युनिटी कॉलेज खोलने की योजना है। इसकी पहल अगले ही बजट से हो जाएगी।
टूरिज्म, होटल मैनेजमेंट व फार्मेसी शिक्षा पर जोर

राज्य में रोजगार के नये अवसर को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा सामान्य प्रबंधन, टूरिज्म, फार्मेसी शिक्षा और होटल प्रबंधन की पढ़ाई पर भी जोर दिया जाएगा। इसमें संबंधित विभागों को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा रिसर्च पार्क बनाने के साथ तकनीक हस्तांतरण की पहल करने और उद्योग जगत व उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग के लिए काउंसिल की स्थापना की भी योजना है। फैकल्टी की जरूरतों को पूरा करने के मद्देनजर नेशनल मिशन आन टीचर्स एंड टीचिंग से उच्च शिक्षण संस्थानों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्कूल खुलेंगे।

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