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फीकी रहेगी नियोजित शिक्षकों की ईद की मिठास : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates

बांका। सुप्रीम कोर्ट और सरकार का हर महीने पहले सप्ताह में शिक्षकों को वेतन देने की घोषणा बांका में हवा हो गयी है। नियोजित शिक्षकों को एक-दो नहीं बल्कि पूरे चार-पांच महीने से वेतन नसीब नहीं हुआ है। ऐसे में उनकी हालत पतली हो गयी है। अब ईद जैसा महत्वपूर्ण त्योहार सिर पर है। ऐसे में भी वेतन मिलने की कोई संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।

विभागीय अधिकारी का कहना है कि जिला को शिक्षक को वेतन भुगतान के लिए आवंटन ही प्राप्त नहीं है। ऐसे में वेतन भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए राज्य सरकार को डिमांड भेजा हुआ है। आवंटन प्राप्त होते ही वेतन भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर ली जाएगी। जानकारी के अनुसार बांका में सभी नियोजित प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को जनवरी और फरवरी तक का ही वेतन मिला है। मार्च क्लोजिंग के वक्त जिला को प्राप्त आवंटन सरेंडर कर दिया गया है। लेकिन, तब से अब तक तीन महीना से अधिक वक्त गुजर जाने के बाद भी जिला को शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए राशि नसीब नहीं हुई है।

अविलंब हो वेतन का भुगतान

वेतन भुगतान की लचर प्रक्रिया से शिक्षकों में उबाल है। इस लेकर शिक्षकों में आक्रोश गहराता जा रहा है। नियोजित शिक्षक संघ के जिला महासचिव हीरालाल प्रकाश यादव ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है। शिक्षकों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला। अब ईद में भी राशि नहीं मिलने पर शिक्षकों को काफी परेशानी होगी। आएमके के शिक्षक रउफ आलम कहते हैं कि रमजान और ईद मुस्लिम शिक्षकों का सबसे बड़ा त्योहार है। ऐसे में शिक्षकों का पांच महीने तक वेतन लंबित रखना गंभीर मामला है। इस पर सरकार अविलंब हस्तक्षेप करे। माध्यमिक शिक्षक कृपाशंकर शरण कहते हैं कि शिक्षकों को महीने में दस हजार का मामूली पगार मिलता है। इस पर भी ऐसी स्थिति विभागीय विफलता को उजागर करता है। बौंसी के शिक्षक राजीव कुमार कहते हैं कि शिक्षकों को पांच महीने से वेतन नहीं मिलना शर्मनाक है। लेकिन, शिक्षक संगठन मजबूर है। टीईटी शिक्षक संघ के धीरज कुमार कहते हैं कि इस संबंध में शिक्षा अधिकारी से भी बात की गयी है। लेकिन, विभाग आवंटन का रोना रो रहा है। ऐसी स्थिति में शिक्षकों को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ेगा।

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