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शिक्षा विभाग के दो दर्जन अधिकारियों के वेतन निकासी पर रोक

 रोहतास। डीएम पंकज दीक्षित ने शनिवार को शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान स्पष्ट प्रतिवेदन के साथ बैठक में शामिल नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों की फटकार भी लगाई।
साथ ही सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की स्तर सुधारने व बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इस पर अधिकारी को ठोस कदम उठाने का सख्त निर्देश दिया। छह घंटे से भी अधिक समय तक चली मैराथन बैठक में बीईओ समेत दो दर्जन अधिकारियों व शिक्षा परियोजना के अधिकांश कर्मियों का वेतन स्थगित करने की भी कार्रवाई की गई। डीएम एक-एक बिदुओं पर विस्तार से चर्चा की तथा अधिकारियों को दिए गए निर्देश पर अमल करने को कहा।

डीएम ने कहा कि विभाग का काम कागज में नहीं बल्कि धरातल पर दिखे। इतने प्रयास के बावजूद स्कूलों में स्वच्छता की हालत दयनीय है व शौचालय भी अनुपयोगी बने हुए हैं। बच्चों की बात तो दूर शिक्षकों को भी भाषा व स्वर की सही तरीके से जानकारी नहीं है। जब शिक्षक ही दक्ष नहीं होंगे, तो बच्चे क्या सीख पाएंगे। कहा कि निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति होती रही है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। सर्व शिक्षा, एमडीएम, माध्यमिक शिक्षा, भवन निर्माण, वेतन समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की तथा आवंटन उपलब्ध रहने पर शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं लटकाने का निर्देश विभागीय अधिकारी को दिया। राशि प्राप्त होने के बाद भी भवन का निर्माण व गलत हाजिरी दिखा एमडीएम की राशि गबन करने वाले प्रधानाध्यापकों से राशि वसूली व उन पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। 24 जून से नौ जुलाई तक चलने वाले दस्त नियंत्रण पखवारा कार्यक्रम के तहत विद्यालय में बने शौचालय व पानी टंकी सफाई के अलावा एमडीएम के खाना खाने से पहले हाथ धुलाई के छह चरणों से बच्चों को अवगत कराने को भी कहा गया। बैठक में डीईओ प्रेमचंद, सिविल सर्जन डॉ. जनार्दन शर्मा, डीपीओ सर्व शिक्षा सुमन शर्मा, बीईओ भीम सिंह समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।

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