पटना. राज्य के हाईस्कूलों में स्थापित नियोजित
शिक्षकों का ऐच्छिक तबादला हो सकेगा। शिक्षा विभाग ने संबगंधित नियोजन
इकाइयों को आवश्यतानुसार पांचवें चरण में नियोजन वाले स्थानों को छोड़ कर 30
जून तक शिक्षकों के स्थानांतरण की कार्रवाई पूरा करने का निर्देश दिया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने इस मामले पर गुरुवार को सभी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है क शिक्षकों के तबादला मामले पर 31 अक्टूबर 2017 के आदेश के कारण नियोजित शिक्षकों के स्थानांतरण मे विधिक कठिनाई थी। इस कारण स्थानातरण की कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा गया था। बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति चायिका दायर किया था। इस मामले में 10 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद अब स्थानांतरण की कार्रवाई की जा सकती है। स्थानांतरण के लिए पंचम चरण के रिक्त पद जहां नियोजन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, पर स्थानांतरण नहीं करना है। स्थानांतरण की कार्रवाई जून 2019 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह के प्रस्तुत निवेदन के तहत जिला परिषद के तहत माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्थांनांतरण का आदेश देने का अनुरोध किया गया था।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने इस मामले पर गुरुवार को सभी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह उप विकास आयुक्त को पत्र भेजा है।
पत्र में कहा गया है क शिक्षकों के तबादला मामले पर 31 अक्टूबर 2017 के आदेश के कारण नियोजित शिक्षकों के स्थानांतरण मे विधिक कठिनाई थी। इस कारण स्थानातरण की कार्रवाई नहीं करने के लिए कहा गया था। बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति चायिका दायर किया था। इस मामले में 10 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद अब स्थानांतरण की कार्रवाई की जा सकती है। स्थानांतरण के लिए पंचम चरण के रिक्त पद जहां नियोजन की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है, पर स्थानांतरण नहीं करना है। स्थानांतरण की कार्रवाई जून 2019 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह के प्रस्तुत निवेदन के तहत जिला परिषद के तहत माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षकों के स्थांनांतरण का आदेश देने का अनुरोध किया गया था।