अररिया : सरकारी विद्यालयों के शिक्षक अब
चुनाव या आपातकालीन परिस्थितियों में ही गैर शैक्षणिक कार्य करेंगे. इसके
अलावा अगर उन्हें किसी परिस्थितियों में गैर शैक्षणिक कार्य के लिए बाध्य
नहीं किया जा सकता है.
अगर ऐसा होता है तो इसकी सीधी जवाबदेही
जिला शिक्षा पदाधिकारी की होगी. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने इसको लेकर
डीएम को पत्र जारी कर इसे लागू कराने का जिम्मा दिया है. जारी पत्र में कहा
गया है कि बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत
इसे हर हाल में लागू करना है.
कई जिलों से सूचनाएं प्राप्त हो रही है
कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा या अन्य प्रशासनिक
पदाधिकारियों द्वारा शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति स्थानीय स्तर पर की जाती
है. इसे कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा.
उन्होंने कहा है कि अधिनियम की धारा 27
में इसका उल्लेख किया गया है कि कोई भी शिक्षक दस वर्षीय जनगणना, आपदा व
विधान मंडल, संसद व स्थानीय निकाय के चुनाव को छोड़ अन्य किसी भी गैर
शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रतिनियुक्ति नहीं किये जा सकते हैं.
विभिन्न जगहों पर गैर शिक्षण कार्य में
अब भी है प्रतिनियुक्त : विभिन्न जगहों पर गैर शिक्षण कार्य में वर्षो से
शिक्षक पदस्थापित है. प्रतिनियुक्ति का आलम तो यह है कि आदर्श मध्य
विद्यालय नरपतगंज के शिक्षक राजेश रौशन नरपतगंज के बीडीओ कार्यालय वर्ष
2010 से व उत्क्रमित मध्य विद्यालय बैद्यनाथपुर, फारबिसगंज के शिक्षक राघव
मिश्रा वर्ष 2006 से ही एसडीओ कार्यालय फारबिसगंज में प्रतिनियुक्ति है.
डीएम के निर्देश पर डीइओ द्वारा सभी
शिक्षकों का प्रतिनियुक्ति रद्द होने के बाद शिक्षक राघव मिश्रा का चुनाव
कार्य को लेकर पुन: एसडीओ कार्यालय में प्रतिनियुक्ति किया गया है. बिना
शिक्षा विभाग के मर्जी से कैसे कोई शिक्षक नौ वर्ष से 12 वर्ष तक प्रशासनिक
कार्यालय में प्रतिनियुक्त रह सकते हैं.
कहते हैं डीइओ
शिक्षा विभाग के प्रतिमाह मासिक बैठक
में डीइओ को प्रतिनियुक्ति से संबंधित रिपोर्ट डीएम को सौंपना है. इसकी
जांच जिला के वरीय अधिकारियों से भी करायी जायेगी. हर हाल में आदेश का पालन
होगा. उन्होंने बताय कि लोकसभा चुनाव को लेकर विभिन्न स्तर के शिक्षकों का
विभिन्न कोषांग में डीएम के निर्देश पर प्रतिनियुक्त किया गया है. चुनाव
के उपरांत सभी प्रतिनियुक्ति स्वत रद्द समझा जायेगा.
हर माह डीइओ सौंपेगे जिलाधिकारी को रिपोर्ट
शिक्षा विभाग के विभिन्न शिक्षकों की
प्रतिनियुक्ति किया गया है या नहीं इसकी मासिक समीक्षा होगी. जिला शिक्षा
पदाधिकारी व संबंधित बीइओ मासिक रिपोर्ट से डीएम को अवगत करायेंगे.
प्रतिनियुक्ति करने वाले पर अब होगी सीधी कार्रवाई
बताया जाता है कि विभाग के पूर्वानुमति
के बिना किसी भी प्रकार की प्रतिनियुक्ति वर्जित कर दी गयी है. अगर कहीं
प्रतिनियुक्ति मिलती है तो उक्त अवधि का भुगतान शिक्षा विभाग का दायित्व
नहीं होगा. वहीं प्रतिनियुक्ति अधिकारी भुगतान के देनदार होंगे. उस अधिकारी
पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी.