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आरटीई नामांकन, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था आदि पर चर्चा हुई और कई आवश्यक निर्देश

जिला परिषद सभागार में शनिवार को शिक्षा विभाग से रजिस्टर्ड (प्रस्वीकृति प्राप्त) प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक हुई। इसमें सेकंड फेज अंतर्गत आरटीई नामांकन, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था आदि पर चर्चा हुई और कई आवश्यक निर्देश दिए गए।
डीएम अभिषेक सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन में निजी विद्यालयों को तत्पर रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड स्कूलों में आरक्षित 25 फीसदी सीट पर लॉटरी द्वारा चयनित बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराएं। कहा कि इस वर्ष भी जिला प्रशासन ने आरटीई के तहत पारदर्शी तरीके से लॉटरी द्वारा बच्चों का चयन किया है।

शिक्षा विभाग से रजिस्टर्ड प्राइवेट स्कूल संचालकों की हुई बैठक

आरटीई की बैठक को संबोधित करते डीएम।

बैठक को संबोधित करते हुए डीईओ मो. मुस्तफा हुसैन मंसूरी ने कहा कि आरटीई के अनुपालन के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा भी सर्वोपरि है। उन्होंने सभी प्रस्वीकृति प्राप्त विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा, अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। नीति आयोग की एडीएफ निधि पुनैथा ने कहा कि निजी विद्यालय में बालिकाओं को गुड टच व बैड टच के संबंध में अलग से क्लास आयोजित कर जानकारी दी जानी चाहिए। संचालकों से अपने पड़ोस क्षेत्र के बच्चों का अधिक से अधिक आवेदन ऑनलाइन कराने में मदद करने की अपील की गई। मौके पर डीपीओ उपेंद्र कुमार सिंह, एडीपीसी जीवन कुमार, संतोष कुमार आदि उपस्थित थे।

सुरक्षा सर्वोपरि, इसपर ध्यान दें स्कूल प्रबंधन

बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में कोताही नहीं बरतें स्कूल प्रबंधन

स्कूल संचालकों से डीएम ने कहा कि आरटीई के तहत नामांकित बच्चों को देय सुविधाएं यथा पोशाक, पाठ्य पुस्तक, लेखन सामग्री देने में कोताही नहीं बरतें। साथ ही पूर्ववर्ती नामांकित छात्रों को भी प्रारंभिक से आठवीं कक्षा तक सभी देय सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कई बच्चों के अभिभावकों से कुछ विद्यालयों द्वारा नामांकन व देय सुविधाएं उपलब्ध कराने में आनाकानी की जा रही है जो ठीक नहीं है। कहा कि विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों के साथ समन्वय कर इसका निराकरण करें। इस दौरान दूसरे चरण अंतर्गत लिए जा रहे आवेदनों की स्थित पर चर्चा हुई और इसमें तेजी लाने को कहा गया। बताया गया कि सेकंड फेज के लिए 2300 सीटों के विरुद्ध अभी तक 727 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

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