; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के बाद भी खेलकूद का नहीं हो रहा विकास

कटिहार। प्रखंड एवं माध्यमिक शिक्षक नियोजन के विभिन्न चरणों में शारीरिक शिक्षकों के मध्य एवं उच्च विद्यालयों में नियोजन के बावजूद विद्यालयों में खेलकूद की कक्षाएं नहीं लग रही है। शारीरिक शिक्षकों से सैद्धांतिक विषयों की कक्षाएं ली जा रही है।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा खेलकूद के प्रति छात्रों में अभिरुचि जागृत करने मे कोताही बरती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की भागीदारी जिला स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता में नहीं हो पा रही है। जबकि शारीरिक शिक्षकों पर सरकार हर माह वेतन के रूप में मोटी रकम खर्च कर रही है।
अधिकांश विद्यालयों में खेल का मैदान उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते छात्रों को प्रशिक्षण देना भी संभव नहीं हो रहा है। जिसका सीधा असर बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास पर हो रहा है। सेवानिवृत्त शिक्षक बसंत कुमार दास, योगेन्द्र नाथ पांडेय, रामनारायण दास, अब्दुल वदूद सहित दर्जनों अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से सरकारी विद्यालयों में खेलकूद की संस्कृति को फिर से जीवंत करने की मांग की है।

सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news