; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

जानें, कैसे शिक्षा विभाग ने किया आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन?

शिक्षा विभाग में आदर्श आचार संहिता का खुल्लम खुल्ला उल्‍लंधन करने का खुलासा हुआ है. नौ सितंबर को आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के बाद जिले की चौदह पंचायतों में उर्दू शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया.
सबसे खास बात तो यह है कि शिक्षा विभाग के सचिव ने सभी डीईओ को तत्काल प्रभाव यानी
नौ सितम्बर से ही शिक्षकों का नियोजन रोकने के आदेश दिए थे, बावजूद इसके जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आनन-फानन में नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया. लिहाजा नियोजन इकाइयों ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी नियोजन कार्य और नियुक्ति पत्र देने का कार्य जारी रखा.
मीडिया को जब इस मामले की जानकारी हुई तब जाकर यह मामले का खुलासा हो सका. आप जब जिला शिक्षा पदाधिकारी और नियोजन इकाई का पत्र देखेंगे तो उसमें स्पष्ट हो जाएगा कि आचार संहिता प्रभावी होने के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति की गई.
जब ईटीवी/न्‍यूज18 संवाददाता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस संबंध में पूछना चाहा तो वे कैमरे से मुंह चुराते दिखे. वे पहले तो उन्‍होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया, लेकिन काफी कुरेदने पर स्वीकार किया की गलती हुई है और वैसी जगहों पर की गई नियुक्ति को रद्द किया जाएगा. वहीं पूरे मामले की शिकायत चुनाव आयोग से भी की गई है.

सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news