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बरहट के शिक्षकों पर गिर सकती है निगरानी की गाज


जमुई। निगरानी ब्यूरो की जांच में जिले के बरहट प्रखंड के नियोजित शिक्षकों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। दरअसल निगरानी ने प्रखंड व पंचायतों में नियोजित शिक्षकों का फोल्डर जमा नहीं होने पर कड़ा रूख अपनाया है।
निगरानी ने शीघ्र सभी 360 शिक्षकों का फोल्डर जमा करने की बात जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेन्द्र कुमार सिन्हा से कही है। निगरानी के रूख से जिला शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है।
गुरुवार को निगरानी ब्यूरो के पदाधिकारी रियाकत अली जमुई पहुंचे। साथ ही बरहट के अलावा कई अन्य प्रखंडों के वैसे शिक्षकों से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जिनकी उपलब्धता नहीं होने से जांच की प्रक्रिया बाधित है। बताया जाता है कि चकाई व सोनो प्रखंड के नियोजित शिक्षकों के जमा फोल्डर में कई कमियां हैं। निगरानी ने वर्ष 2007 में नियोजित आधा दर्जन शिक्षकों के नियोजन से संबंधित दस्तावेज व प्रमाण पत्रों की भी जांच की। इधर शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बरहट प्रखंड के सभी शिक्षकों का फोल्डर निगरानी को भेज दिया गया है। ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि आखिर लापरवाही किस स्तर पर हुई है इसका खामियाजा नियोजित शिक्षकों को कहीं उठाना न पड़ जाए।
गौरतलब हो कि जागरण ने 'फोल्डर में बदल दिए गए शिक्षकों के प्रमाण पत्र' खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खासकर वैसे शिक्षक जिनका फोल्डर निश्चित तिथि को जमा नहीं हुआ था। इसके बाद निगरानी ब्यूरो महानिरीक्षक ने भी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर प्रमाणपत्रों के हेराफेरी की बात कही थी।
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कोट
हाल के दिनों में बरहट के कई बीईओ बदले गए। इसलिए यह बताना संभव नहीं है कि किसने निगरानी को फोल्डर रिसिव नहीं कराया।
-महसूदन पासवान,
नोडल पदाधिकारी, जमुई।

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