; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

बीएयू : शिक्षक नियुक्ति फर्जीवाड़े से धूमिल हो रही विवि की छवि

भागलपुर। बिहार कृषि विश्वविद्यालय में शिक्षक नियुक्ति एवं भवन निर्माण में घपलेबाजी की जांच के लिए कुलाधिपति द्वारा गठित एक सदस्य वाली जांच समिति ने उक्त दोनों मामलों की रिकार्ड खंगाल कर बुधवार की सुबह वापस पटना लौट गई है।

जांच समिति के अध्यक्ष पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत जज सैयद मो. महफूज आलम सोमवार को विवि आए थे। उन्होंने मंगलवार तक विवि के भवन निर्माण एवं शिक्षकों की नियुक्ति संबंधि फाइलों का गहन अवलोकन किया। इससे जुड़े अधिकारियों से कई सवाल भी पूछे और जरुरत के मुताबिक कई रिकार्डो की छायाप्रति भी अपने साथ ले गए।
जांच समिति के वापस लौटने के बाद विवि में सन्नाटा पसरा रहा। हर जुबान पर यही चर्चा हो रही थी पता नहीं इस जांच की आंच में और कौन-कौन झूलसेंगे।
बात दे कि पूर्व कुलपति ने नियुक्ति के दूसरे ही वर्ष से अपने दबिश में अधिकारियों को लेकर भवन निर्माण से लेकर शिक्षक नियुक्ति मामले पर अपने काले कारनामों को रंग देना शुरू कर दिया था। इस कार्य में मदद करने वाले कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी उपकृत कर रखा था। लेकिन सच कहा जाता है गलत कार्य कभी छिपता नहीं है। आखिरकार एक अभ्यर्थी द्वारा आरटीआई के माध्यम से मामले का खुलासा किया गया और आज कुलाधिपति के माध्यम से इसकी जांच शुरू हो गई है।
Sponsored link : सरकारी नौकरी - Army /Bank /CPSU /Defence /Faculty /Non-teaching /Police /PSC /Special recruitment drive /SSC /Stenographer /Teaching Jobs /Trainee / UPSC

UPTET news