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'शिक्षा मंत्री अपने घर में क्यों दुबके बैठे है? दो-दो उपमुख्यमंत्री और CM 94000 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर क्यों नहीं बोल रहे है?'

 

  • धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को मिला तेजस्वी का साथ
  • तेजस्वी यादव ने फोन पर डीएम और सीएस से की बात
  • सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना दे सकते हैं अभ्यर्थी
  • तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम और सीएम पर साधा निशाना
पटना
बिहार में नियोजन की मांग कर रहे शिक्षकों को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का साथ मिल गया है। नियुक्ति की मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को पटना जिला प्रशासन ने धरना देने की इजाजत दे दी। गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर ये लोग धरना दे सकते हैं। टाइमिंग सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक का होगा। उसके बाद किसी को भी धरने पर बैठने की अनुमति नहीं होगी।

शिक्षक अभ्यर्थियों को मिला तेजस्वी का साथ
शिक्षक अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आवाज उठाई। उन्होंने सरकार पर जमकर निशाना साथा। अभ्यर्थियों के समर्थन में तेजस्वी यादव सड़क पर उतरे। उनके बीच से ही सीधे पटना के डीएम और मुख्य सचिव को कॉल किया। तेजस्वी ने फोन पर पूरे हालात की जानकारी दी। अभ्यर्थियों को धरने पर बैठने देने की अपील की। तेजस्वी के अपील को मानते हुए डीएम चंद्रशेखर सिंह ने सशर्त शिक्षक अभ्यर्थियों को धरने पर बैठने की इजाजत दे दी।

तेजस्वी के नीतीश कुमार पर साधा निशाना
इसके बाद तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा कि वादानुसार आज प्रशासन ने गर्दनीबाग धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों को अनुमति नहीं दी। जिसके चलते सभी अभ्यर्थी टिकट लेकर इको पार्क पहुंच गए। शाम को वहां पहुंचा और मुख्य सचिव, डीजीपी और डीएम से बात कर अनुमति मिलने के बाद रात्रि में पैदल मार्च कर उन्हें दोबारा धरना स्थल पर पहुंचा कर आया।

तेजस्वी ने अपने अगली ट्वीट में कहा कि स्वीकृत धरनास्थल पर प्रदर्शन करना आंदोलनकारियों का लोकतांत्रिक अधिकार है। सरकार कैसे उन्हें अनुमति नहीं दे सकती? प्रशासन कैसे निर्दोष युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगों पर लाठीचार्ज कर सकता है? हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद क्यों 94000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा?

तेजस्वी यहीं नहीं रूके उन्होंने नीतीश कुमार को भी लपेटे में लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री अपने घर में क्यों दुबके बैठे है? दो-दो उपमुख्यमंत्री और CM 94000 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर क्यों नहीं बोल रहे है? पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई हमारा मुख्य मुद्दा है। मैं सदा बेरोजगारों, छात्रों, शिक्षकों,नौजवानों और किसानों के समर्थन में हूं और रहूंगा।

इससे पहले 19 जनवरी शिक्षक अभ्यर्थियों ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। तब तेजस्वी ने ट्वीट किया था कि अभी आंदोलनकारियों से मुलाक़ात में अधिकारियों से बात कर गिरफ़्तार आंदोलनकारी नेताओं को छोड़ने, केस वापस लेने और प्रदर्शनकारियों को वापस धरनास्थल भेजने का आश्वासन मिला है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मैं स्वयं धरना स्थल जाऊंगा। सरकार कब तक बेरोजगारों को सड़क पर रख लाठीचार्ज करती रहेगी?

क्या है अभ्यर्थियों का पूरा मामला
नियोजन की मांग कर रहे शिक्षक अभ्यर्थी सोमवार से गर्दनीबाग धरनास्थल पर धरना दे रहे हैं। मंगलवार को पुलिस ने इनके धरने को जबरन खत्म कराना चाहा। इस दौरान अभ्यर्थियों और पुलिस ने तीखी नोंकझोक भी हुई थी। शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ दिया। इसमें कई शिक्षक अभ्यर्थी घायल हो गए। तब इनलोगों ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग है कि 94 हजार नियोजित अभ्यर्थियों को सरकार सीधे नियुक्त करे।

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