; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Big Breaking News - UPTET

Advertisement

पटना हाई कोर्ट ने तीन हजार शिक्षकों को दी राहत : बिहार शिक्षक नियोजन Latest Updates

पटना। पटना हाई कोर्ट ने तीन हजार वैसे शिक्षकों को राहत दे दी, जो दक्षता परीक्षा दो बार फेल हो चुके हैं।
मुख्य न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी की दो सदस्यीय खंडपीठ ने यह आदेश तब दिया जब राज्य सरकार की ओर से सूचित किया गया कि दक्षता परीक्षा में दो बार फेल हो चुके शिक्षकों के लिए राज्य सरकार नियमावली ला रही है।
इस पर खंडपीठ ने कहा कि तब तक इन्हें नहीं हटाया जाए। यह लाभ उन शिक्षकों को भी दिया जाएगा, जो हाई कोर्ट में अपनी याचिका दाखिल नहीं कर पाए हैं।
उल्लेखनीय है कि न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की एकल पीठ ने 17 अप्रैल को उन सभी शिक्षकों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया था, जो दक्षता परीक्षा में दो बार फेल हो चुके हैं।
अदालत का कहना था कि सिर्फ शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के आदेश से शिक्षकों को नहीं हटाया जाना असंवैधानिक होगा। मीना कुमारी सहित दर्जनों शिक्षकों ने एकल पीठ के इस आदेश को चुनौती दी थी।
अपील करने वालों की ओर से तर्क दिया गया था कि 2006 की शिक्षक नियमावली में उल्लेखित है कि जो शिक्षक दक्षता परीक्षा में पास नहीं होंगे, उन्हें दो सौ रुपये की वेतनवृद्धि नहीं दी जाएगी। 2009 की नियमावली में दो बार फेल हो चुके शिक्षक को हटाए जाने का उल्लेख है। इससे तो जाहिर होता है कि राज्य सरकार की नीति हमेशा बदलती रही है। यह उचित नहीं है।

सरकारी नौकरी - Government Jobs - Current Opening All Exams Preparations , Strategy , Books , Witten test , Interview , How to Prepare & other details

UPTET news