बिहार में चल रही इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के दौरान शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले 82 शिक्षकों को अनुपस्थित पाए जाने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। यह मामला बगहा क्षेत्र से सामने आया है, जिसने पूरे राज्य की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परीक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती क्यों जरूरी थी?
बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित इंटर परीक्षा को नकल-मुक्त और शांतिपूर्ण बनाने के लिए इस बार विशेष इंतजाम किए गए थे।
शिक्षकों की ड्यूटी:
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पहले से निर्धारित
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डिजिटल रैंडमाइजेशन प्रक्रिया से
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समय से सूचना देकर
लगाई गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक बिना सूचना ड्यूटी से गायब पाए गए, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया।
82 शिक्षक क्यों बने कार्रवाई का शिकार?
जांच में सामने आया कि:
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कई शिक्षक निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचे ही नहीं
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कुछ ने कोई लिखित सूचना या अवकाश आवेदन नहीं दिया
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कुछ विद्यालय स्तर पर जानकारी दबाई गई
इस लापरवाही से परीक्षा संचालन प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई, जिसके बाद शिक्षा विभाग को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
शिक्षा विभाग का सख्त आदेश
शिक्षा विभाग ने सभी 82 अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
दिए गए निर्देश:
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निर्धारित समय सीमा में जवाब अनिवार्य
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संतोषजनक उत्तर न मिलने पर:
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विभागीय कार्रवाई
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वेतन पर प्रभाव
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निलंबन की संभावना
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भविष्य की परीक्षा ड्यूटी से वंचित किया जा सकता है
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विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूल प्रधानों और अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय
इस पूरे मामले में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि:
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विद्यालय प्रधान
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प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी
की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। यदि यह पाया गया कि जानकारी जानबूझकर छिपाई गई, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव है।
शिक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि:
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परीक्षा ड्यूटी को अब औपचारिक जिम्मेदारी नहीं माना जाएगा
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अनुशासनहीनता पर Zero Tolerance नीति लागू होगी
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भविष्य में शिक्षक ड्यूटी से गायब होने से पहले कई बार सोचेंगे
यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
यदि आप भी परीक्षा ड्यूटी में तैनात हैं, तो:
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समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करें
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किसी भी समस्या की लिखित सूचना पहले दें
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मौखिक जानकारी पर निर्भर न रहें
क्योंकि अब रिकॉर्ड आधारित कार्रवाई की जा रही है।
निष्कर्ष
बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के दौरान 82 शिक्षकों की अनुपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा विभाग अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं करेगा। यह कार्रवाई आने वाले समय में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाएगी।