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भ्रष्टाचारी कहते हैं, भगवान से बचा लो भगवान

 बक्सर। चौसा में शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया में जब धांधली की बात सामने आई तो विभाग में खलबली मच गई। आधे दर्जन शिक्षकों की नियुक्त रद हुई और नियोजन इकाई के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। हालांकि, नियोजन में हुई धांधली उजागर होने से बचाने के लिए विभाग ने पूरा जोर लगा दिया।
परंतु, मजबूत इरादों वाले सूचना का अधिकार कार्यकर्ता श्रीभगवान राय ने आरटीआइ के आवेदन पर आवेदन डाल विभाग को इस पर कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। प्रखंड के सोनपा गांव निवासी राय सूचना का अधिकार के तहत अबतक सैकड़ों जानकारियां मांग चुके हैं ।
हालांकि, भ्रष्टाचार को उजागर करने की कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ी है। आलम यह है कि वे आज भी कई मामलों को लेकर कोर्ट में भी लड़ाई लड़ रहे हैं। श्रीभगवान राय वर्ष 2005 से पहले से राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत आरटीआइ कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय के सानिध्य में रहकर समाज में फैले भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते रहे। इस लड़ाई में आरटीआइ कानून लागू हुआ तो इन सामाजिक कार्यकर्ताओं को एक बड़ा हथियार मिल गया।
दे चुके हैं 250 से ज्यादा आवेदन
अब तक राज्य सरकार के योजना से संबंधित 250 मामलों पर सूचना मांगी है। जिसमें राज्य स्तर पर शिक्षा विभाग में हुए फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति प्रमुख है। वहीं, मनरेगा, जन वितरण प्रणाली, कोर्ट बहाली, अवैध शराब, विद्युत समेत विभिन्न योजनाओं पर सूचनाएं मांगी गई है। सूचना के अधिकार के तहत जनता की राशि का दुरुपयोग करने पर राज्य सूचना आयुक्त से भी जानकारी मांगी है।
अवैध शराब की सूचना मांगना पड़ा महंगा
जब सूबे में शराबबंदी नहीं थी तो आरटीआइ के तहत सूचना मांग नशे के अवैध सौदागरों को बेनकाब करना महंगा पड़ गया। उन्होंने क्षेत्र में लाइसेंसी दुकानों के बारे में जानकारी मांगी और इसे सार्वजनिक कर दिया। इससे थाना के संरक्षण में क्षेत्र में चल रहे अवैध दुकानों को पुलिस को मजबूरी में बंद कराना पड़ा। इसका खामियाजा भी उन्हें भुगतना पड़ा और लोकसभा चुनाव के दौरान पुलिस ने उनपर धारा 107 की कार्रवाई कर दी।
बिना किसी आधार के और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के एक आरटीआइ कार्यकर्ता पर धारा 107 की कार्रवाई की बात मीडिया में आने के बाद पुलिस ने इसे वापस लिया।
बयान :
भ्रष्टाचार समाज को दीमक की तरह चाट रहा है, खासतौर पर पंचायती राज में भ्रष्टाचार से ग्रामीणों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने अपने जीवन को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया है और उनकी यह जंग आगे भी जारी रहेगी।

श्रीभगवान राय, आरटीआइ कार्यकर्ता, सोनपा, बक्सर।

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