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अप्रशिक्षित शिक्षकों ने न्याय की लगाई गुहार

मोतिहारी। सरकार के शिक्षा विभाग की गलती की सजा भुगतने को विवश हैं प्रखंड में पदस्थापित अप्रशिक्षित शिक्षक। अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद महेन्द्रू पटना के द्वारा ऑनलाइन आवेदन लिया गया था।
आवेदन हेतु मांगे गये परफार्मा में वर्तमान विद्यालय में योगदान की तिथि मांगी गई थी, किंतु मूल विद्यालयों से स्थानातरण होने के बाद दूसरे विद्यालय की योगदान तिथि का ही उल्लेख किया गया है। परफार्मा में कहीं भी प्रथम योगदान की तिथि नहीं मांगी गई थी, जो विभाग की कमी है। इसमें शिक्षक कहीं दोषी नहीं है। फिर भी उन शिक्षकों को प्रशिक्षण से वंचित कर दिया गया है, जो सर्वथा अनुचित है। इससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। इस नीति का खामियाजा प्रखंड क्षेत्र के लगभग दर्जन भर शिक्षक भुगतने को विवश हो गये है। वंचित शिक्षकों में ललित किशोर प्रसाद, महेश प्रसाद, अमर साह, रूबी कुमारी सिंह, डेजी रानी आदि ने सचिव राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद पटना को आवेदन देकर न्याय की गुहार की है।
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