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स्कूल में शिक्षक के स्थान पर पढ़ा रहा ग्रामीण

 खगड़िया। उत्क्रमित उच्च विद्यालय मेघौना की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बताते चलें कि मध्य विद्यालय मेघौना को उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन इसकी स्थिति में सुधार नहीं हो रही है।

विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 14 सौ के करीब है। जबकि शिक्षकों की संख्या आठ है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश शिक्षक विद्यालय से फरार रहते हैं। सूत्रों की मानें तो विद्यालय के शिक्षक कुछ पैसे देकर ग्रामीण युवक को विद्यालय में पढ़ाने के लिए रखते हैं। पोषक क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि यहां एमडीएम में भी मीनू का पालन नहीं किया जा रहा है। विद्यालय में शिक्षक के स्थान पर पढ़ाने वाले ग्रामीण पवन कुमार ने बताया कि इसके एवज में मुझे विद्यालय प्रधान द्वारा पांच हजार रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। जबकि विद्यालय में प्रभार संभाले शिक्षक कुसुमलाल भूषण ने बताया कि जयकृष्ण व प्रणव कुमार ¨सह डाइट प्रशिक्षण में हैं। जयप्रकाश साह व सरफराज आलम अवकाश में है। इधर, को-ऑर्डिनेटर श्रीदेव कुमार ने बताया कि शिक्षकों की कमी के कारण ग्रामीण युवक को पढ़ाने के लिए कहा गया है।

जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि विद्यालय की जांच की जाएगी। मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

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