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Bihar Teacher Salary: 35 हजार नियोजित शिक्षक सैलरी को लेकर परेशान, राज्यकर्मी का दर्जा मिलने के बाद बढ़ेगी दिक्कत

 बिहार में 35 हजार नियोजित शिक्षक वेतन विसंगति के शिकार हैं। अगर राज्यकर्मी का दर्जा मिलने से पहले वेतन विसंगित का निराकरण नहीं हुआ तो यह मामला और ज्यादा उलझ जाएगा। शिक्षा विभाग ने वेतन विसंगति में सुधार के लिए पांच अधिकारियों की एक टीम गठित बनायी थी। शिक्षक संगठनों ने भी शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर वेतन विसंगति को तत्काल दूर करने की मांग की थी।

दीनानाथ साहनी, पटना। राज्य के तकरीबन 35 हजार नियोजित शिक्षक वेतन विसंगति के शिकार हैं। इनमें प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। वेतन विसंगति को दूर करने के लिए दो साल पहले शिक्षा विभाग ने एक कमेटी बनायी थी, लेकिन उस कमेटी के सुझावों पर भी शिक्षा विभाग के स्तर से अमल नहीं हुआ।

मूल वेतन में अंतर

5200 के पे-स्केल में नियोजित शिक्षक का मूल वेतन और 5200 के स्केल में राज्यकर्मी का मूल वेतन स्केल में अंतर ही विसंगति है। 2000 ग्रेड वाले राज्यकर्मी का वेतन ढांचा 21700 से शुरू होता है जबकि नियोजित शिक्षकों को जो स्केल दिया गया है उसमें वेतन स्केल 21290 से शुरू होता है, जबकि कक्षा 1 से 5 तक बेसिक नियोजित शिक्षक का ग्रेड पे 2000 है और राज्यकर्मी के भी ग्रेड पे 2000 हैं। फिर वेतन अंतर देखे राज्यकर्मी का वेतन स्केल 21700 से शुरू होती हैं और कक्षा 1 से 5 के नियोजित शिक्षक का स्केल 21290 से शुरू होता है।

इससे ज्यादा विसंगति माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन में है। शिक्षा विभाग के तत्कालीन उपसचिव अरशद फिरोज ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों को प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों के वेतन विसंगति दूर करने का निर्देश दिया था, लेकिन विभागीय निर्देश पर अब तक अमल नहीं किया गया। 

    

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