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हम राज्यकर्मी कैसे नही? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए

हम राज्यकर्मी कैसे नही? सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
हमलोगों से TET परीक्षा के लिए आवेदन पत्र की बिक्री कर आवेदन फीस कौन लिया?
हमलोगो का परीक्षा कौन लिया?

हमलोगों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के परीक्षा लेने हेतु कौन लगाता है?
हमलोगों को चुनाव कार्य मे कौन लगाता है?
हमलोगों का वेतनमान निर्धारण कौन करता है?
हमलोगों के सेवा शर्त का निर्धारण कौन करता है?
फिर सातवें वेतनमान आखिर हमे कौन देगा?
आसान जवाब है:-बिहार सरकार ।
लेकिन यहाँ एक और प्रश्न है की जब सरकार हमे राज्यकर्मी नहीं मानती नियोजित मानती है तो फिर बिहार मे सभी विभागों मे नियोजित कर्मियों को सातवें वेतनमाऩ का लाभ क्यों नही देती? और उनका सेवा शर्त निर्धारण क्यों नहीं करती?
॰॰॰और क्या सरकार को यह पता नहीं की लिखित परीक्षा लेकर बहाल होने वाले कर्मी किस श्रेणी मे आयेंगे?
अत: हम पर से नियोजित शब्द का धब्बा हटऩा चाहिए और राज्यकर्मी का लिखित दर्जा मिलना चाहिए,खैरात मे ऩही पुरा हक है हमारा।
सरकार को अतिशीघ्र TET अप्रशिक्षितों(ढाई/तीन वर्ष पुराने)को ग्रेड-पे जारी कर देना चाहिए।

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