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पूर्णाक 75 और बोर्ड से मिला 83 अंक

औरंगाबाद । अरई निवासी नागेंद्र शर्मा ने प्रखंड शिक्षक नागेंद्र कुमार की बहाली पर सवाल उठाते हुए डीएम से कार्रवाई की माग की है। उन्होंने डीएम को भेजे आवेदन में कहा है कि मध्य विद्यालय अरई के प्रखंड शिक्षक नागेंद्र कुमार की नियुक्ति साल 2003 में फर्जी प्रमाणपत्र पर हुई थी।
आवेदन के साथ उन्होंने मूल आवेदन पत्र, टीआर, मेधा सूची एवं कार्यवाही पंजी की छायाप्रति भी संलग्न किया है। आवेदन में कहा गया है कि उक्त प्रखंड शिक्षक की नियुक्ति 1992 में मैट्रिक में प्राप्तांक 630 दिखाकर 70 प्रतिशत अंक के आधार पर मेधा सूची में दिखाया गया है। इनका कहना है कि अंक पत्र एवं टीआर में देखने पर अर्थशास्त्र द्वितीय पत्र में प्राप्तांक 83 है जबकि इस विषय का पूर्णाक मात्र 75 है। इसी प्राप्तांक को जोड़ने पर 630 होता है। उन्होंने इसे मुद्दा बनाते हुए जाचकर उचित कार्रवाई करने की माग की है। आवेदन की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एसडीओ, बीडीओ एवं मध्य विद्यालय अरई के प्रधानाध्यापक को भी भेजी गई है।
बोले आरोपी नागेंद्र

आरोपी प्रखंड शिक्षक नागेंद्र कुमार ने दैनिक जागरण से इस मामले में स्पष्ट कहा कि बोर्ड से प्राप्त प्राप्तांक ही नौकरी के लिए दिया है, जो भी है वह बोर्ड का दिया है। यदि बोर्ड इसकी सत्यता को खारिज करता है तब जो भी होगा उसे भुगतने के लिए तैयार हूं। हमें जो अंक पत्र मिला था वही दिया था और वही उपलब्ध है। वही अंकपत्र मेरे पास है। वही दिखा भी सकते है।

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