; paras[X - 1].parentNode.insertBefore(ad1, paras[X]); } if (paras.length > X + 4) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 3].parentNode.insertBefore(ad2, paras[X + 4]); } if (isMobile && paras.length > X + 8) { var ad1 = document.createElement('div'); ad1.className = 'ad-auto-insert ad-first'; ad1.innerHTML = ` ; paras[X + 7].parentNode.insertBefore(ad3, paras[X + 8]); } });

Important Posts

Advertisement

शिक्षकों की बहाली नहीं करते तो स्कूलों को ही बंद कर दीजिए

हाईस्कूलों में शिक्षकों की कमी व एक मिडिल स्कूल के अपग्रेडेशन के मामले में राज्य सरकार के सुस्त रवैए पर नाराजगी जताते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा के नाम पर क्यों मजाक बना रखा है? सरकार स्कूलों को बंद ही क्यों नहीं कर देती?
हाईस्कूल में शिक्षकों के बिना बच्चे पढ़ने कहां जाएंगे? पर्याप्त शिक्षक के नहीं रहने से बच्चों को स्कूल सिर्फ परीक्षा फाॅर्म भरने के लिए ही जाना होता है। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने जयराम यादव की रिट याचिका की सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां की। मामला शेखपुरा के आदर्श मध्य विद्यालय, पहाड़पुर के हाईस्कूल में उत्क्रमित करने में हुई देरी का है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीति हर 5 किलोमीटर पर एक हाईस्कूल खोलने की है, जबकि इस स्कूल के 5 किलोमीटर की परिधि में कोई हाईस्कूल नहीं है। सरकार स्कूल को अपग्रेड करने में सुस्ती बरत रही है।

एक हफ्ते में मांगा जवाब

सरकार की तरफ से बताया गया कि स्कूल को अपग्रेड कर दिया गया है। पर, वहां शिक्षकों के स्वीकृत पद खाली पड़े हुए हैं। चूंकि नियोजित शिक्षकों का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सरकार शिक्षकों की बहाली नहीं कर पा रही है। इस पर हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए सरकार को एक हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

UPTET news